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रक्षामंत्री के फ्रांस दौरे से राफेल पर और गहराये शक के बादल

महेश राठी जिस प्रकार से भारत की रक्षामंत्री ने आनन फानन में फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा की है उससे राफेल डील पर शक के बादल और गहरा गये हैं। निर्मला सीतारमण की दो दिवसीय यात्रा को जिस प्रकार की सतही तवज्जो फ्रांस सरकार ने दी है उससे साफ जाहिर […]

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बहुजन आन्दोलन के सफल नायक मान्यवर कांशीराम

जब कभी सवर्णों को थोड़ा बहुत शक्ति सत्ता छोड़ने पर बाध्य होना पड़ता है तो वे बचाव के लिए घटिया तरीकों पर उतर आते हैं। उन्होंने बार बार यह खयाल रखा है कि किसी भी प्रकार तथा किसी भी तरह से शक्ति सत्ता से उनका कब्जा खत्म न हो।”   […]

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नुलकातोंग जनसंहार और सरकार की जिम्मेवारी

सुनील कुमार भारत के ‘प्रधान सेवक’ ने 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को सम्बोधित करते हुए शुरूआत में ही आदिवासियों-नौजवानों को याद किया और कहा कि ‘‘दूर-सुदूर जंगल में जीने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एवरेस्ट पर झंडा फहरा कर तिरंगे की शान बढ़ा दी है’’। मैं […]

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एनआरसी पर देश को मूर्ख बना रहे हैं आरएसएस-भाजपा के नेता

महेश राठी नेशनल रजिस्टर आॅफ सिटिजन्स अर्थात एनआरसी आरएसएस-भाजपा का नया नारा बन चुका है। बंगाल से लेकर असम और पूरे देश में आरएसएस-भाजपा का हरेक नेता एनआरसी को किसी नये गीत की तरह गाता गुनगुनाता घूम रह है। 11 अगस्त को कलकता की भाजपा की रैली में भी भाजपा […]

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बिहार में टूट की तरफ बढ़ता एनडीए, बढ़ रही जदयू-भाजपा की मुश्किलें

महेश राठी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का समय आजकल भोज में अधिक बीत रहा है। कभी दलित की चैखट पर भोज तमाशा तो कभी नीतीश कुमार जैसे सहयोगी के साथ मान मनोव्वल भोज की कवायद परंतु फिर भी भाजपा और एनडीए का संकट खत्म होने का नाम नही ले रहा […]

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भारतीय इतिहास का एक यादगार दिन, बहुजनों के गौरव का दिन

जयंतीभाई मनानी आज 7 अगस्त का दिन देश के 90 प्रतिशत से ज्यादा सैंकडों सालो से शोषित और उपेक्षित अद्विजों के लिए क्रांतिकारी दिन है। अब सवाल है कि यह दिन शोषितों के लिए महत्व का क्यों हैः 1. आज के दिन शोषित समाज दल की स्थापना 1972 को जगदेवप्रसाद […]

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2019 चुनावों में हैंकिंग के नये खतरे

महेश राठी क्या आपको लगता है कि एक लोकतांत्रिक प्रणाली में चुनाव तानाशाह को कमजोर करते हैं?, यदि हां, तो आप गलत हैं। मौजूदा दौर में चुनाव उनकी सत्ता पर पकड़ को मजबूत करते हैं। क्योंकि उनके पास डिजीटल औजारों की शक्ल में तिकड़मों और चुनावी गडबड़ियों का टूल बाॅक्स […]

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कितने राष्ट्रवादी और देशभक्त थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी

महेश राठी श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था, जाहिर है आज भाजपा और संघ के लिए उन्हें याद करने का अवसर है। परंतु यहां सवाल यह है कि क्या श्यामा प्रसाद मुखर्जी किसी भी दृष्टि से राष्ट्रवादी अथवा देशभक्त कहे जा सकते हैं। यदि देश […]

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फासीवाद का औजार झूठ और अफवाहें

महेश राठी फासीवाद एक आधुनिक विचारधारा है जो पुरातनपन्थी और आधुनिकता-विरोधी, जनवाद और समानता विरोधी विचारों का अवसरवादी इस्तेमाल करते हुए एक नयी किस्म की राजसत्ता की स्थापना का प्रयास करता है और सफल होने पर सबसे नग्न किस्म की तानाशाही को लागू करके पूंजीवादी हितों की रक्षा करता है। […]

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नोटबंदी के बाद भाजपा अध्यक्ष ने बैंक में जमा की सबसे ज्यादा रकम

कृष्णा झा यह नोटबंदी की घोषणा के केवल पांच दिन बाद हुआ। अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक ने सबसे अधिक पुराने नोटों को बदलने के लिए इनाम जीता, यह सारे पांच सौ और एक हजार के नोट थे जिन्हें जिन्हें सबसे कम दिनों में नये नोटों में बदला गया। बदले गये […]