विमर्श

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संपादकीय

संघ-भाजपा की हार की आहट और माफीनामों का इतिहास

आईएनएन भारत डेस्क आरएसएस द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित संवाद सम्मेलन में जिस प्रकार से संघ ने अपनी छवि सुधारने की मुहिम की शुरूआत करते हुए झूठ का अंबार लगाया उससे साफ जाहिर है कि संघ-भाजपा आगमी लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी हार की आहट से डरे हुए हैं। हालांकि […]

आलेख विमर्श

नुलकातोंग जनसंहार और सरकार की जिम्मेवारी

सुनील कुमार भारत के ‘प्रधान सेवक’ ने 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को सम्बोधित करते हुए शुरूआत में ही आदिवासियों-नौजवानों को याद किया और कहा कि ‘‘दूर-सुदूर जंगल में जीने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एवरेस्ट पर झंडा फहरा कर तिरंगे की शान बढ़ा दी है’’। मैं […]

संपादकीय

संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों में सुनाई दे रही है मोदी की हार की आहट

आरबीआई से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मौजूदा दौर में भारतीय लोकतंत्र की संवैधानिक संस्थाओं ने जो रूख दिखाया है उससे मौजूदा मोदी सरकार की खासी किरकिरी हुई है। इन निर्णयों को देखकर कहा जा सकता है कि यह संस्थान अब समझ चुके हैं कि मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू […]

संपादकीय

यह अघोषित आपातकाल की घोषणा की कार्रवाई है

भगवा सरकार का अर्बन नक्सल विरोध अभियान शुरू हो गया है। समाज में ऐसे लोग जिनकी आवाज समाज के बड़े हिस्से को प्रभावित करती है और कारपोरेट पूंजी की खुली लूट को वैध करने की सरकार की तथाकथित विकास की अवधारणा का विरोध करती हैं, उन आवाजों को खामोश करने […]

संपादकीय

अटल बिहारी वाजपेयी की मौत ने उजागर किया मोदी के हिंसक ‘राजधर्म‘ का चेहरा

देश में भीड़ हिंसा के फासीवादी रूझान की जन्मस्थली को वैसे तो देश के सभी जागरूक लोग जानते और पहचाानते है, परंतु पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की मौत ने इस हिंसक भीड़ के चहरे की पहचान और उसका पता साफ कर दिया है। सभी जानते हैं कि यह हिंसक भीड़ ब्राहमणवादी […]

संपादकीय

वाजपेयी को महान बताना ब्राह्मणवाद की गुलामी, ब्राह्मणवाद की पालकी ढ़ोना है

ब्राह्मणावद किस तरह से हमारे समाज और जीवन के मानक तय करता है लोकप्रिय मुहावरे गढ़ता है, यह वाजपेयी की मौत ने दिखा दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पद पर पहुंचने से ज्यादा कोई उपब्धि नही है बल्कि उनके कर्मो की सूची […]

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एनआरसी पर देश को मूर्ख बना रहे हैं आरएसएस-भाजपा के नेता

महेश राठी नेशनल रजिस्टर आॅफ सिटिजन्स अर्थात एनआरसी आरएसएस-भाजपा का नया नारा बन चुका है। बंगाल से लेकर असम और पूरे देश में आरएसएस-भाजपा का हरेक नेता एनआरसी को किसी नये गीत की तरह गाता गुनगुनाता घूम रह है। 11 अगस्त को कलकता की भाजपा की रैली में भी भाजपा […]

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बिहार में टूट की तरफ बढ़ता एनडीए, बढ़ रही जदयू-भाजपा की मुश्किलें

महेश राठी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का समय आजकल भोज में अधिक बीत रहा है। कभी दलित की चैखट पर भोज तमाशा तो कभी नीतीश कुमार जैसे सहयोगी के साथ मान मनोव्वल भोज की कवायद परंतु फिर भी भाजपा और एनडीए का संकट खत्म होने का नाम नही ले रहा […]

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भारतीय इतिहास का एक यादगार दिन, बहुजनों के गौरव का दिन

जयंतीभाई मनानी आज 7 अगस्त का दिन देश के 90 प्रतिशत से ज्यादा सैंकडों सालो से शोषित और उपेक्षित अद्विजों के लिए क्रांतिकारी दिन है। अब सवाल है कि यह दिन शोषितों के लिए महत्व का क्यों हैः 1. आज के दिन शोषित समाज दल की स्थापना 1972 को जगदेवप्रसाद […]

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2019 चुनावों में हैंकिंग के नये खतरे

महेश राठी क्या आपको लगता है कि एक लोकतांत्रिक प्रणाली में चुनाव तानाशाह को कमजोर करते हैं?, यदि हां, तो आप गलत हैं। मौजूदा दौर में चुनाव उनकी सत्ता पर पकड़ को मजबूत करते हैं। क्योंकि उनके पास डिजीटल औजारों की शक्ल में तिकड़मों और चुनावी गडबड़ियों का टूल बाॅक्स […]