भाजपा के सांसद और सहयोगी मंत्री ने भाजपा पर बोला हमला, सांसद ने दिया इस्तीफा

आईएनएन भारत डेस्क
भाजपा और संघ की संप्रदायिक बंटवारे की राजनीति अब उनके अपने सहयोगियों और सांसदों को ही रास नही आ रही है। आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा-संघ ने जो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को हवा देने की शरूआत की है लगता है कि यह दांव उसे भारी पडने वाला है। संघ-भाजपा की बंटवारे की राजनीति के खिलाफ ना केवल विपक्ष बल्कि स्वयं उसके सहयोगी और सांसद उसके खिलाफ मोर्चा खोलने लगे हैं।

यूपी के बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने अपनी ही पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा है कि पार्टी समाज को बांटना चाहती है। इस बयान के साथ ही फुले ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा या उसके किसी भी संगठन से अब उसका कोई लेनादेना नहीं है। फुले ने यह भी ऐलान किया कि 23 दिसंबर को वह रमा बाई आंबेडकर मैदान में रैली करेंगी।

कुछ दिनों पहले ही भगवान हनुमान की जाति को लेकर एक विवाद शुरू हुआ था। विवाद की शुरुआत करने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे.इसके बाद यह विवाद बढ़ता ही चला गया। इसमें भाजपा की सांसद सावित्री बाई फूले भी कूद पड़ीं थीं। उन्होंने कहा कि हनुमान दलित थे और मनुवादियों के गुलाम थे। अगर लोग कहते हैं कि भगवान राम हैं और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमान जी ने किया था। उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिए था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया। उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गई। चूंकि वो दलित थे इसलिए उस समय भी उनका अपमान किया गया।

अब भाजपा सांसद ने कहा कि अब देश तो ना भगवान के नाम पर चलेगा और न ही मंदिर के नाम पर। अब देश चलेगा तो भारतीय संविधान के नाम पर. हमारे देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है। उसमें सभी धर्मों की सुरक्षा की गारंटी है। सबको बराबर सम्मान और अधिकार है। किसी को ठेस पहुंचाने का अधिकार भी किसी को नहीं है। इसलिए जो भी जिम्मेदार लोग बात करें भारत के संविधान के तहत करें, गैर-जिम्मेदाराना बात करने से जनता को एक बार सोचने पर मजबूर करता है।

वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर से भाजपा नेतृत्व वाली योगी सरकार को निशाने पर ले लिया है। ओपी राजभर ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार कुंभ के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सभी जनपदों में दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल खोलने को उसके पास बजट ही नहीं है। प्रदेश सरकार में भाजपा की साझीदार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री राजभर ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही मंदिर मुद्दे को हवा दी जा रही है। कुंभ के जरिये लोकसभा चुनाव के लिए ब्रांडिंग की जा रही है। कुंभ में हजारों करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है, जबकि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए बजट मांगता हूं तो बजट नहीं है। सभी जनपदों में विद्यालय खोलने के लिए बजट मांगता हूं तो बजट नहीं है। हम इस बारे में बोलते हैं तो कहते हैं कि हम विरोध में बोलते हैं।