भाजपा नेता के काॅलेज में चल रहा अवैध शराब का गोदाम पकडा गया, नेता ने सरेआम पुलिस अधिकारियों को धमकाया

आईएनएन भारत डेस्क
भाजपा नेता सुरेंद्र मिश्रा व अतरौली (आजमगढ़) के पूर्व विधायक के बंद पड़े कॉलेज में अवैध शराब का गोदाम पकड़ा गया। गुरुवार की शाम एसपी ग्रामीण ने तीन थानों की पुलिस बल को अपने साथ लेकर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान तस्करों ने दूसरे कमरे में रखी शराब सहित शराब बनाने में उपयोग होनेवाले अन्य उपकरणों में आग लगा दी। गिरफ्तार पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा की निशानदेही पर शुक्रवार को कई अन्य ठिकानों से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की शराब और उपकरण बरामद की गई।

बताया जाता है कि पूर्व विधायक के इस बंद पड़े कॉलेज में बीते तीन वर्ष से अवैध शराब का अड्डा चल रहा था। पूर्व विधायक पर पुलिस की कार्रवाई का जरा भी खौफ नहीं दिखाई दिया। पुलिस की जीप में बैठे सुरेंद्र मिश्रा ने हेकड़ी दिखाते हुए खुलेआम अधिकारियों को चेतावनी दी कि हर हाल में वह सोमवार तक जेल से बाहर निकल जाएगा और छूटने के बाद गिरफ्तार करने वाले किसी भी अधिकारी को नहीं छोड़ेगा।

पूर्व विधायक और भाजपा नेता सुरेंद्र मिश्रा अपने ऊंची राजनीतिक पकड़ की आड़ में बीते तीन वर्ष से अपने महाविद्यालय में शराब का अवैध अड्डा चलवा रहा था। शराब की सप्लाई सरकारी देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर करता था। शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़े पूर्व विधायक पर पुलिस की कार्रवाई का जरा भी खौफ नहीं था।

बता दें कि सुरेंद्र मिश्रा अपने राजनीति पकड़ की वजह से बहुत ही कम समय में धनाढ्य बन गया और स्व. पिता रामनरायण के नाम पर कई इंटर कालेज सहित महिला महाविद्यालय भी खोल लिया था। वर्ष 2012 में होने वाले विधान सभा चुनाव से ठीक पहले सुरेंद्र मिश्रा पर अपने ही कॉलेज की एक छात्रा से रेप का मामला उजागर हुआ। इस घटना के बाद उसकी छवि धूमिल हुई लेकिन राजनीतिक पहुँच के कारण दुबारा टिकट पाने में सफल रहा। परंतु जनता ने नकार दिया और सुरेंद्र मिश्रा चुनाव हार गया।

दूसरी ओर छात्रा के साथ बलात्कार का मामला उजागर होने पर महिला महाविद्यालय को बंद करना पड़ा। तभी से सुरेंद्र मिश्रा अपने स्व. पिता रामनरायन के नाम पर बने महिला महाविद्यालय में अवैध शराब का कारोबार करने लगा।

पिछले वर्ष 7 जुलाई 2017 को रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव सहित जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अवैध शराब कारोबार की जड़ समाप्त करने का निर्देश दिया था। लेकिन सुरेंद्र मिश्रा का बीजेपी नेता होने के कारण पुलिस पूर्व विधायक के इस अड्डे पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पायी थी। बीते तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पियरिया धर्मशाला गांव में स्थित पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा के महिला महाविद्यालय में शराब का अवैध अड्डा चल रहा था।

एसपी ग्रामीण के हिम्मत की दाद देनी होगी जिन्होंने गुरुवार की शाम को पुलिस को छापेमारी का निर्देश दिया। जिसमें भारी मात्रा में शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली उपकरण के साथ बीजेपी नेता सुरेंद्र मिश्रा को उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर लिया। अन्य सहयोगी चकमा देकर भागने में सफल रहे। भागे हुए अपराधियों को भी पकड़ने के लिए छापेमारी जारी हैं। शुक्रवार को अदालत में पेश होने से पहले सुरेंद्र मिश्रा ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि उसके वकील आ रहे हैं। सोमवार तक हर हाल में जमानत मिल जाएगी। छूटने के बाद कार्रवाई करने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारियों को देख लूंगा।