राफेल पर शरद पवार के बयान से खफा तारिक अनवर ने छोडी एनसीपी और लोकसभा की सदस्यता

आईएनएन भारत डेस्क
पटनाः बिहार हमेशा से विपरीत धारा में चलने और राजनीति करने के लिए जाना जाता रहा है। एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में बिहार के कटिहार से सांसद और नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महासचिव तारिक अनवर ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि तारिक अनवर ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार के राफेल मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बयान देने से नाराज होकर यह कदम उठाया है। जल्दी इस पर तारिक अनवर ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।

तारिक अनवर ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। वो भारतीय युथ कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर भी रहे। सन 1980 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर कटिहार लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। यूपीए-2 के कार्यकाल में उन्हें कृषि और खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री का कार्यभार दिया गया था।

सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर शरद पवार का साथ देते हुए 1999 में तारिक ने कांग्रेस छोड़ दी थी। शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने मिलकर एनसीपी की नींव रखी थी। तारिक अनवर एनसीपी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उनका इस तरह इस्तीफा देना पार्टी के लिए झटका है।
गौरतलब है कि नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार ने एक मराठी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि लोगों को राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा पर कोई शक है।

शरद पवार ने कहा था कि विमान से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा करने की विपक्ष की मांग में ‘कोई तुक नहीं है।‘ साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि विमान के दामों का खुलासा करने में कोई नुकसान नहीं है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसके लिए ट्वीट कर पवार को धन्यवाद तक दिया था।

हालांकि शरद पवार के बयान के बाद एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने गुरुवार को कहा कि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने राफेल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट नहीं दी है। नवाब मालिक ने पार्टी की इस मांग को दोहराया कि केंद्र सरकार लड़ाकू विमानों के दाम का खुलासा करे और इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांच हो।