केलांग से सरचू के बीच फंसे सैंकड़ों लोग, यात्रियों की जान पर बनी, प्रशासन बेपरवाह

आईएनएन भारत डेस्क
तीन दिनो की जबरदस्त बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल के लाहौल स्पीति जिले का जीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त कर दिया है। केवल जिले के निवासी ही नही बल्कि लेह लद्दाख के रूट पर केलांग से सरचू के बीच फंसे सैंकड़ों लोगों का जीवन संकट में फंस गया है और प्रशासन और सूबे के राजनेता है कि इस आपदा को सामान्य घटना मानकर बेहद हल्के तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसीलिए केलांग से सरचू के बीच फंसे सैंकडों लोगों को निकालने के लिए कोई इंतजाम अभी तक नही किये गये हैं।

केलांग के स्थानीय पत्रकारों की माने तो केलांग और सरचू के बीच 500 के लगभग लोग फंसे हुए हैं। पहले वहां कम ही लोगों के फंसे होने की खबरे थी परंतु सोमवार की शाम तक वहां से लोटे स्कीअर्स का कहना था कि कम से कम 400 से 500 लोग सरचू तक फंसे हैं और कहना मुश्किल है कि रात में माइनस 15 डिग्री तापमान पर वह कैसे बचे रह पायेंगे। केलांग के स्थानीय पत्रकारों और अन्य जागरूक लोगों ने स्थानीय सांसद और राजधानी शिमला में बैठे राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया और हैलीकाॅप्टर से इन फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की गुहार लगाई परंतु कोई फायदा नही हुआ। सोमवार की रात तक कि खबर के अनुसार प्रशासन ने कोई इंतजाम इन फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए नही किये थे।

केलांग से सरचू तक इन फंसे हुए लोगों में ना केवल पर्यटक बल्कि लेह से लोट रहे बौद्ध भिक्षु, मजदूर और अन्य लोग भी शामिल हैं। पर्यटकों में भी देशी विदेशी दोनों प्रकार के पर्यटक केलांग से सरचू के बीच फंसे हैं। केलांग के स्थानीय मीड़िया से जुडे हुए लोगों का कहना था कि सोमवार को पूरे दिन शिमला और स्थानीय प्रशासन से इन फंसे हुए लोगों के निकालने की गुहार लगाई गयी परंतु इन्हें निकालने की कोई प्रक्रिया हिमाचल की भाजपा सरकार द्वारा नही की गयी। इससे ना केवल स्थानीय लोगों में बल्कि इन फंसे हुए लोगों के स्वजनों में भी आक्रोश व्याप्त है।

बता दें, कि लाहौल स्पीति के केलांग और उसके उपरी इलाके में सितंबर महीने में इस भारी बारिश और बर्फबारी ने 1955 तक का रिकाॅर्ड तोड दिया है। लोग इसे भयावह प्राकृतिक आपदा की तरह से देख रहे हैं। केलांग में भी चार फुट तक बर्फ गिरी है और उससे उपरी इलाकों में यह बर्फबारी 5 से 7 फुट तक बतायी जा रही है। इस समय हालात यह हैं कि रात के समय केलांग से सरचू के बीच माइनस 15 से भी नीचे तापमान चला जा रहा है। ऐसे हालात में इन फंसे हुए लोगों को यदि शीघ्र ही नही निकाला गया तो इनमें से कईं लोगों की जान पर बन आयेगी।