पंचकूला हिंसा: हनीप्रीत के खिलाफ 21 अक्टूबर को तय होगा आरोप

आईएनएन भारत डेस्क:
नई दिल्ली: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की एक अदालत ने जब साध्वी यौन शोषण मामले में   सजा सुनाई थी, तो उनके समर्थक व भक्तगण पूरे पंचकूला में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। इस हिंसा को भड़काने और देशद्रोह के मामले में हनीप्रीत मुख्य आरोपियों में से एक है।

यह घटना 25 अगस्त 2017 की हैं। जिसका नेतृत्वकर्ता बाबा राम रहीम की शिष्या हनीप्रीत थी। उस हिंसक बारदात व आगजनी के कारण हुए सरकारी संपत्ति का नुकसान के लिए भी हनीप्रीत को ही जिम्मेदार मानी गयी था। इस मामले में दर्ज केस की सुनवाही शुक्रवार को पंचकूला कोर्ट में हुई, लेकिन हनीप्रीत पर आरोप तय नहीं हो सके। अब मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर के लिए टल गई है। इससे पहले मामले में 10 सितंबर को केस की सुनवाई थी। अब 21 अक्टूबर को हनीप्रीत के खिलाफ आरोप तय होंगे।

बता दें कि पुलिस द्वारा कोर्ट में अभी तक पूरी चार्जशीट पेश नहीं की गई है। इस केस की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी द्वारा गिरफ्तार हनीप्रीत सहित 8 आरोपियों के खिलाफ जो सप्लीमेंटरी चालान दाखिल किया जाना था, वो अभी तक दाखिल नहीं हुई है। अगली तारीख पर सप्लीमेंटरी चालान दाखिल होने की संभावना हैं। पंचकूला कोर्ट में सप्लीमेंटरी चालान दाखिल होने बाद ही 33 लोगों पर लगे आरोपों पर बहस होगी और उसके बाद ही हनीप्रीत सहित सभी 33 आरोपियों पर आरोप तय किए जाएंगे।

बता दें कि हनीप्रीत और अन्य सभी 33 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) नंबर 345/2017 में IPC की धारा 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।