विजय माल्या मामले में सवालों के घेरे में अरूण जेटली, भाजपा के भीतर से भी विरोध शुरू

आईएनएन भारत डेस्क
देश के बैंकों के 9 हजार करोड़ लेकर भागने के आरोपी शराब व्यापारी विजय माल्या के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है। शराब व्यापारी ने कहा था िकवह देश छोडने से पहले अरूण जेटली से मिलकर गये थे और उन्होंने बैंकों के पैसों का मामला निपटाने की बात भी की थी। भगोड़े शराब व्यापारी विजय माल्या का लंदन कोर्ट के बाहर दिये गये इस एक बयान भारत के सियासी गलियारे में हंगामा मचा रखा है।

शराब व्यापरी विजय माल्या का बयान भाजपा के गले की फांस बन गया लगाता है। जहां एक तरफ विपक्ष उन पर हमले का कोई मौका नही छोड रहा है तो वहीं भाजपा ने भी हमेशा की तरह अपने मंत्रियों को मैदान में उतारकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति शुरू कर दी है। भाजपा के मंत्री प्रत्युष गोयल ने बचाव की कमान संभालते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। परंतु लोगों के मन में यह सवाल खटक रहा है कि जब राहुल और कांग्रेस इस कदर बेईमाने में लिप्त रहे हैं और सभी गुनाहगारों के साथ उनके संबंध हैं तो आपने साढ़े चार साल में उन पर कोई कार्रवाई क्यों नही की। साफ जाहिर है कि अपनी खाल बचाने के लिए आप मनगढंत आरोप लगाने पर उतर आयों हैं।

इस मामले में भाजपा उस समय ज्यादा फंसती नजर आयी जब अरूण जेटली पर उनकी अपनी ही पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल खडे कर दिये। विपक्षी दल तो निशाना साध ही रहे हैं थे अब जेटली के खिलाफ अपनी ही पार्टी के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर दो सवाल उठा दिये हैं। स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा कि विजय माल्या के देश से भागने से जुड़े अब दो तथ्य हमारे सामने आ रहे हैं। जिनसे कोई इनकार नहीं कर सकता। पहला- 24 अक्टूबर, 2015 को माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस को ‘ब्लॉक‘ से ‘रिपोर्ट‘ में शिफ्ट किया गया। जिसकी मदद से विजय माल्या 54 लगेज आइटम लेकर भागने में सफल रहे और दूसरा है कि विजय माल्या ने संसद के सेंट्रल हॉल में वित्त मंत्री अरुण जेटली को बताया था कि वह लंदन के लिए रवाना हो रहे हैं।

We have now two undeniable facts on the Mallya escape issue: 1. Look Out Notice was diluted on Oct 24, 2015 from “Block” to “Report” departure enabling Mallya to depart with 54 checked luggage items. 2. Mallya told FM in Central Hall of Parliament that he was leaving for London.

— Subramanian Swamy (@Swamy39) September 13, 2018

इसके अलावा भी माल्या के बुधवार के बारे में स्वामी का एक पुराना ट्वीट भी सोशल मीडिया में घूम रहा है। स्वामी का यह ट्वीट लगभग 3 महीने पुराना है। स्वामी ने इस ट्वीट में कहा था कि माल्या देश छोड़ कर नहीं जा सकते क्योंकि एयरपोर्ट पर उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका था। स्वामी ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि इसके बाद वो दिल्ली आए और किसी ताकतवर शख्स से मुलाकात के बाद विदेश जाने से रोकने वाले नोटिस को बदला गया। उन्होंने उस ट्वीट में सवाल पूछा है कि वो शख्स कौन था जिसने लुकआउट नोटिस को कमजोर करने में मदद की। अब इन हालात में विपक्ष के हमले को और ताकत मिल गयी है और वित्तमंत्री को घेरने में विपक्ष के तेवर और तीखे होने वाले हैं।

वैसे देश में अब माल्या और भाजपा को लेकर अलग अलग तरह की चर्चाएं हैं। 2010 में विजय माल्या को भाजपा ने सहायता नही की होती तो माल्या का राज्यसभा में पहुंचना मुष्किल ही नही असंभव था। ध्यान रहे उस समय जेडीएस कर सरकार थी और माल्या ने पहले जेडीएस को मैनेज किया और फिर भाजपा को और वह कांग्रेस के उम्मीदवार रेशम व्यापारी टीवी मारूती को हराकर उच्च सदन में बैठने का गौरव भाजपा की सहयाता से कर पाये थे।