आम आदमी पार्टी की मान्यता पर खतरा, चुनाव आयोग ने दिया नोटिस

आईएनएन भारत डेस्क
चुनाव आयोग ने आम अदमी पार्टी की चुनावी वित्तीय विसंगतियों पर कड़े सवाल उठाये हैं। चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को चुनावी फंडिंग में विसंगतियों के चलते पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। बता दें कि आप पर 2014-15 के वित्त वर्ष में पार्टी की चुनावी फंडिंग में विसंगतियां पाई गई थी। जिन पर आयोग ने आम आदमी पार्टी को पारदर्शिता दिशानिर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दे डाली थी।

चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस में दावा किया गया है कि हवाला आपरेटरों के जरिए लेनदेन को गलत तरीके से स्वैच्छिक दान के रूप में दिखाया गया। अब आयोग ने इस मामले में आम आदमी पार्टी से नोटिस का जवाब 20 दिन में देने के लिए कहा है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो आयोग और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास उपलब्ध जानकारी पर गुणदोष के आधार पर आम आदमी पार्टी के खिलाफ फैसला किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2014-15 के लिए मूल दान रिपोर्ट आप द्वारा 30 सितंबर 2015 को आयोग को सौंपी गई थी। इसके बाद 20 मार्च 2017 को एक संशोधित रिपोर्ट दी भी आप ने आयोग को दी थी। आयोग ने कहा कि साल 2015 में सीबीडीटी प्रमुख के कार्यालय से वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान आप द्वारा प्राप्त दान छिपाने के संबंध में एक रिपोर्ट मिली थी। चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश का नियम 16 ए चुनाव आयोग को किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की मान्यता निलंबित करने या वापस लेने की अनुमति देता है। ध्यान रहे कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। अब आयोग के नोटिस के बाद आप की मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है।