यूपी में हार के डर से योगी के बौखलाये बोल

आईएनएन भारत डेस्क
लोकसभा चुनावों की आहट करीब आते देख यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बौखलाहट लगातार बढ़ रही है। जब से यूपी में सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद के साथ आने की खबरे हवाओं में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हवा भी खराब होती दिखाई पड़ रही है। यूपी के सीएम की हालत का अंदाजा उनके बिगडे और बेतुके बोलो से लगाया जा सकता है। उन्होंने सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए फिर से बेतुका राग छेड़ा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए सीएम योगी ने कहा कि जो अपने बाप-चाचा का नहीं हुआ, वो आपको अपने साथ जोड़ने की बात कर रहा है।

गोरखपुर, फूलपुर के बाद कैराना की करारी हार की बौखलाहट अभी खत्म भी नही हुई थी कि सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद के गठजोड़ ने यूपी के सीएम की चिंता इस कदर बढ़ा दी है कि उन्होंने अपने बेतुके बोलो से सीएम पद की गरिमा को भी दांव पर लगा दिया है। हाल ही में सीएम योगी ने अखिलेश पर हमला करते हुए कहा कि जो अपने बाप और चाचा का नहीं हुआ, वो आपको अपने साथ जोड़ने की बात करता है। इतिहास में एक पात्र आते हैं, कैसे उन्होंने अपने बाप को कैद करके रखा था. इसलिए कोई मुसलमान अपने पुत्र का नाम औरंगजेब नहीं रखता। कुछ ऐसा समाजवादी पार्टी के साथ भी जोड़ा गया है।

ध्यान रहे कि योगी और उनकी भगवा राजनीति किसी भी तरह से सपा प्रमुख और उनके परिवार की तुलना किसी ना किसी मुस्लिम शासक से करने की फिराक में रहती है। जिससे सपा को मुस्लिमों के साथ जोड़कर दिखाया जाये और मुस्लिम पात्रों को खराब दिखाकर अपना चिरपरिचित सांप्रदायिक कार्ड भी खेला जाये। नही तो योगी अखिलेश की तुलना अशोक से भी कर सकते थे जिनके बारे में कहा जाता है कि वह अपने 99 भईयों को मारकर सिंहासन पर बैठे थे।

बहरहाल, यूपी में विपक्षी गठबंधन के बाद भाजपा का सफाया होना तय है। ध्यान रहे गोरखपुर और फूलपुर में सपा अैर बसपा के बीच गठजोड़ था परंतु कांग्रेस दोनों जगह चुनाव मैदान में थी उसके बाद भी योगी अपना गढ़ नही बचा पाये थे और अब जब कांग्रेस और रालोद भी गठबंधन का हिस्सा हैं तो योगी को यूपी में वह एक सीट ढूंढनी मुश्किल हो रही है जिसे वह जीत सकते हैं। इसके अलावा अभी चुनाव तक आते आते उनके कुछ सहयोगी और कुछ नेता भी पाला बदल सकते हैं। उसका अंदेशा योगी को पहले से ही है। अब ऐसी स्थिति में योगी से ऐसे बेतुके और बौखलाहट भरे बोलो की उम्मीद ही की जा सकती है। परंतु उन्हें समझ लेना चाहिए कि इन बेतुके बोलों से वह जनता का दिल नही जीत सकते हैं बल्कि अपनी छवि और सीएम पद की गरिमा को ही धूल में मिला रहे हैं।