हार्दिक पटेल की हालत खराब, भेजा गया अस्पताल, सरकार और मीड़िया उदासीन

आईएनएन भारत डेस्क
गुजरात में पाटीदार आरक्षण के लिए लड रहे हार्दिक पटेल के अनशन को 14 दिन हो गये परंतु ना केन्द्र और ना ही गुजरात सरकार को हार्दिक पटेल की खराब होती हाल त की परवाह है। गुजरात के पाटीदार नेता अब गुजरात सरकार और भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा जानबूझकर हार्दिक पटेल को मौत के मुंह में धकेलना चाहती है इसीलिए वह उनकी मांगों पर विचार नही कर रही है।

ध्यान रहे कि हार्दिक पटेल के इतने लंबे अनशन के बाद भी मोदी सरकार की तरफ से सकारात्मक प्रस्ताव नहीं मिलने के बाद हार्दिक ने गुरुवार से पानी नहीं पीने का ऐलान कर दिया था। इसी कारण हार्दिक की स्थिति और खराब हो गई। हार्दिक की हालत मंगलवार से ही काफी बिगड़ी रही थी और गुरुवार को उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए व्हील चेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पाटीदार आरक्षण समिति ने सरकार के रवैये पर हमला करते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की है और हार्दिक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। सरकार की उदासीनता की आलोचना करते हुए पाटीदार आरक्षण समिति ने इसे पाटीदार नेता हार्दिक के जीवन से खिलवाड़ करना बतया है। समिति ने कहा है कि सरकार हार्दिक के जीवन के साथ खेल रही है और भाजपा सरकार हार्दिक की हालत बिगडते देखकर भी खामोश और बेपरवाह है। समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि वो किसानों को मजबूर न करे कि उन्हें सड़कों पर उतरना पडे।

उधर गुजरात कांग्रेस ने भी घोषणा की है कि यदि राज्य सरकार पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से बातचीत नहीं करती है तो वह उनके समर्थन में 24 घंटे का उपवास रखेगी और हार्दिक के समर्थन में जन आंदोलन छेड़ा जायेगा। ध्यान रहे, हार्दिक पटेल किसानों की कर्ज माफी और सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के तहत पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांगों को लेकर 25 अगस्त से अनशन कर रहे हैं।

डॉक्टरों ने मंगलवार को हार्दिक पटेल के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की थी. जिसके कुछ घंटों बाद राज्य की भाजपा सरकार ने गांधीनगर में पाटीदार समुदाय के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। बताया जाता है कि उक्त नेता भाजपा के करीबी लोग ही हैं। इस मुद्दे पर बातचीत के लिए कुछ पाटीदार संगठन मंगलवार को राज्य के मंत्रियों से मिले थे, जिसके बाद हार्दिक के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने इन संगठनों पर भाजपा के एजेंट होने का आरोप लगाया है। अब पाटीदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि अब वे इस मामले में तब तक मध्यस्थता नहीं करेंगे जब तक ‘पास‘ उन्हें लिखित में इसका अधिकार नहीं देती।

बताया जा रहा है कि आरक्षण और किसानों की कर्ज माफी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें अब अस्पताल में भर्ती कराया गया है।