10 सितंबर को पेट्रोल, डीजल पर मोदी सरकार की लूट के खिलाफ वामदलों की अखिल भारतीय हडताल, पूरा विपक्ष कर सकता है भारत बंद

आईएनएन भारत डेस्क
वाम दलों भाकपा, भाकपा (मा), भाकपा (माले), आरएसपी, फारवर्ड ब्लाॅक, एसयूसीआई और अन्य वामदलों ने पेट्रोल, डीजल और गैस पर मोदी सरकार द्वारा की जा रही खुली लूट के खिलाफ 10 सितंबर को अखिल भारतीय हडताल का आह्वान किया है।

वहीं दूसरी तरफ वाम सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने भी 10 सितंबर को विरोध दिवस मनाने का आह्वान किया है और कांग्रेस के नेताओं से बात की जा रही है। यदि बात बनी तो 10 सितंबर की आॅल इण्डिया हडताल पूरे विपक्ष के भारत बंद मंे बदल सकती है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कल शुक्रवार तक इस भारत बंद की घोषणा पूरा विपक्ष कर सकता है।

वाम दलों द्वारा जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि सभी वामदलों ने मिलकर यह फैसला लिया है कि मोदी सरकार जिस प्रकार पेट्रोल डीजल के दामों पर खुली लूट कर रही है उसका सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाये और देश की जनता को बताया जाये कि सरकार जो जीडीपी में बढ़ोतरी के आंकडे दिखा रही है दरअसल वह जनता की खुली लूट और ईंधन पर सरकार द्वारा की जा रही अंधी कमाई का ही नतीजा है। जब से मोदी ने सत्ता संभाली तभी से लगातार यह लूट जारी है।

Left Parties call for All India Protest Hartal on September 10

Thursday, September 6, 2018

Communist Party of India (Marxist)
Communist Party of India
Communist Party of India (Marxist-Leninist)-Liberation
Socialist Unity Centre of India (C)
Revolutionary Socialist Party

September 6, 2018
Press Statement

Left Parties Call

All India Protest Hartal on September 10

Unprecedented economic burdens are being mounted on the people by this Modi government.  The exponentially rising  prices of petroleum products is having a crippling effect on the livelihood of crores of Indians.  The farmers, already groaning under mounting  agrarian distress, see their production costs further escalated.  This price rise has a cascading all-round inflationary impact.  This is contributing to a further economic slowdown reducing existing employment, leave alone creating any new opportunities.  The unprecedented fall in the value of the Indian rupee reflects the deep economic crisis created by this Modi government.  Such economic attacks on the people come on top of the vicious communal-authoritarian onslaughts mounted by this Modi government.

While the peasantry all over the country has been demanding the promised remunerative price and loan waiver, the Modi government callously refuses. On the other hand, it shows largesse of waiving off loans taken by the corporates during the last four years of nearly Rs. 4 lakh crores.  Humongous amounts of loans taken from our banks by the corporates  and the consequent NPAs has bled our banking system.  Such crony capitalism is also evident in the various deals, like the Rafael fighter aircraft purchase scam, that is fast unfolding.  Obdurate rejection of any enquiry into this deal only reconfirms the scam.  Black money, instead of recovering, as promised, has been legitimized.   All efforts to divert  people’s attention away from these monumental failures by spreading an atmosphere of hate, violence and indiscriminate arrests of activists will not succeed.

In protest against this situation, the Left parties have decided to call for a nationwide hartal on September 10.  Left parties call upon the people to join this protest in a big way to demonstrate people’s rejection of the Modi government and its policies.

इसके अलावा भाकपा के मुखपत्र के संपादकीय को देखें तो वह दावा करता है कि इस लूट में एक रिलायंस एंगल भी है। रिलायंस को मोदी सरकार ने कच्चे तेल उत्पादन से लेकर आपूर्ति में सबसे बड़ी कंपनी बना दिया है और इसीलिए उसकी लूट में हिस्सेदारी भी सबसे बड़ी है। यहां तक कि रेलवे को तेल की आपूर्ति भी सरकारी कंपनियों से छीनकर रिलायंस को दे दी गई और इसीलिए रिलायंस की लूट को चलाये रखने के लिए मोदी ने उस समय भी तेल के दाम नही गिरने दिये जब अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में यह एकदम निचले स्तर पर आ गये थे।