मोदी “नर्वस”, दिलवा रहे हैं अपने कारपोरेट यारों से लीगल नोटिस

आईएनएन भारत डेस्क
राफेल डील विवाद ने अब नया मोड ले लिया है। रिलायंस डिफेंस कंपनी के मालिक अनिल अंबानी ने कांग्रेस के 11 नेताओं को मानहानि का नोटिस भेजकर इस मामले को और अधिक दिलचस्प और निर्णायक बना दिया है। उधर कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा है कि मोदी ‘नर्वस‘ हो गये हैं अऔर इसीलिए अब वह अपनेे कारपोरेट यारों से लीगल नोटिस दिलवा रहे हैं।

जहां अनिल अंबानी ने अपने वकीलों को मैदान में उतार दिया है तो वहीं कांग्रेस ने भी इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता और बिहार के इंचार्ज शक्ति सिंह गोहिल ने इस मामले में सीधे मोदी को निशाने पर लेकर कहा कि मोदी नर्वस होकर अपने कारपोरेट यारो से लीगल नोटिस भिजवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम देश की एएक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी हैं और तथ्यों के आधार पर ही बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसे कदम से डरने वाले नही हैं और भाजपा के भष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। बता दें कि इस मामले पर अनिल अंबानी ने एक पत्र कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लिखा था। जिसका अभी तक कोई जवाब कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से नही आया है।

वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड ने इस नोटिस पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है जबकि एक उद्योगपति चुने हुए जन प्रतिनिधियों को लीगल नोटिस भेज रहा है, वास्तव में यह गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे साफ हो जाता है कि भाजपा और कारपोरेट दुनिया के बीच क्या गठजोड़ है।

अनिल अंबानी के वकीलों ने कांग्रेस के 11 नेताओं को 5 हजार करोड़ की मानहानि के नोटिस भेजे हैं। नोटिस पाने वाले कांग्रेस नेताओं में रणदीप सिंह सुरजेवाला, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड, शक्ति सिंह गांेहिल, अशोक चव्हाण, संजय निरूपम, अभिषेक मनु सिंघवी, ओमान चाण्डी, अनुग्रह सिंह, प्रियंका चतुर्वेदी, पवन खेडा और त्रिपुरा के कांग्रेस अध्यक्ष प्रदयोत बर्मन शामिल हैं।

इसके बाद कांगेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने पलट वार करते हुए कहा कि प्रत्येक करदाता को जानने का हक है कि 42 हजार करोड़ रूपये अतिरिक्त क्यों भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अनिल अंबनी द्वारा नोटिस दिये जाने का अर्थ है कि डील में कुछ गडबड़ जरूर है। भाजपा और अंबानी को समझ लेना चाहिए कि वह कांग्रेस की आवाज को दबा नही सकते हैं।