मुजफ्फरपुर केस की जांच के बीच में सीबीआई एसपी का तबादला, नीतीश कुमार फिर से सवालों के घेरे में

आईएनएन भारत डेस्क
बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला शांत होने का नाम नही ले रहा है। जहां इस मामले ने पूरे बिहार और देश की राजनीति को गरमा दिया था वहीं अब लगता है कि इस मामले की जांच भी कम विवादास्पद नही रहने वाली है। ताजा मामला मुजफ्फरपरु काण्ड की जांच से जुडे सीबाीआई के एसपी के तबादले पर उठ रहे विवाद का है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई को पालतू तोता बताया था तो तब से लेकर अभी तक सीबीआई की जांच की विश्वसनीयता भी अब पहले जैसी नही रही है। इस पर यदि मृजफ्फरपुर जैसे संवेदनशील मामले में जांच अधिकारी को अचानक बदल दिया जाता है तो उस पर विवाद होना स्वाभाविक ही है। बता दें कि इन्हीं जांच अधिकारी के रहते हुए पिछले दिनों सीबीआई ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के घर पर छापा मारा था और वहां से काफी समान जब्त करके सीबीआई अपने साथ ले गई थी। अब जैसी ही इस मामले की जांच से जुडे सीबीआई के एसपी के तबादले की खबर आयी है तो फिर से तमाम तरह के सवाल और शंकाएं राजनीतिक हलकों में सर उठाने लगी हैं।

उधर राजद के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी इस मामले में ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घेरा है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि ‘‘बिहार गवर्नर के बाद, सीएम नीतीश ने सीबीआई एसपी का भी तबादला करा दिया। कल एसपी ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस पर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी थी। जांच पटना ‘सर‘ तक पहुंच रही है यह ब्रजेश ठाकुर डायरी में भी शामिल हैं। चाचा, रुको और देखो, यह कौन है। अब जांच में ‘‘पटना सर‘‘ पर कईं तरह के सवाल और कहाानियां पटना के राजनीतिक गलियारों में सुनाई देने लगी हैं। ऐसे संवेदनशील मामले की जंच कर रहे जांच अधिकारी जे पी मिश्रा का तबादला आने समय में बिहार की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर सकता है। बिहार और केन्द्र सरकार दोनों को बताना पड़ेगा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें एसपी जे पी मिश्रा को जांच के बीच में ही हटाकर दूसरे अधिकारी को लाना पड़ा है।

बहरहाल, यह तबादला सत्ता से लेकर सड़क तक बवाल पैदा करने वाला है। अब इस मामले से जुडे सीबीआई एसपी जे पी मिश्रा की जगह अब इस पद की जिम्मेदारी लखनऊ के सीबीआई एसपी देवेंद्र सिंह को दी गई है। एसपी के तबादले के बाद बिहार में राजनीति फिर से गरमा गई है। पहले मंजू वर्मा के पति को तमाम दबावों के बावजूद बचाये रखना, फिर मंजू वर्मा का इस्तीफा देना और साथ ही यह कहना कि उनके पति की ही काॅल डिटेल्स क्यों सबकी काॅल डिटेल्स जारी की जायें। उसके बाद मंजू वर्मा के घर पर सीबीआई छापा और राजद नेता द्वारा अपने ट्वीट में जांच रिपोर्ट में किसी पटना सर का संकेत देना। और सबसे उपर बृजेश ठाकुर की बेखौफ हंसी, जो यह कहती दिखती है कि कुछ नही होने वाला है। यह सब ऐसी बाते हैं जिसमें सुशासन बाबू को पूरा सुशासन दांव पर लगता दिखाई पड़ रहा है और अब सीबीआई एसपी के तबादले ने ठाकुर की हंसी के निहितार्थ जाहिर करने शुरू कर दिये हैं। परंतु देखना यह है कि कोर्ट इस तबादले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या रूख लेता है। जाहिर है कि सभी कुछ अब सशासन बाबू के हाथ ही में नही है।