ब्राह्मणवादी भगवा आतंकवाद के समर्थन में नालासोपारा में भगवा भक्तों ने निकाली रैली

आईएनएन भारत डेस्क
ब्राह्मणवादी भगवा आतंकवाद ने अब अपनी तैयारियां और संगठन की ताकत दिखाना शुरू कर दियया है। महाराष्ट्र एटीएस के द्वारा आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपी भगवा आतंकी वैभव राउत के समर्थन में भंडारी समुदाय तथा गौरक्षकों ने आतंकी की गिरफ्तारी के बाद दो बार उत्तरी मुम्बई के नालासोपारा में जुलूस निकाला और वैभव राउत का खुलकर समर्थन किया।

भगवा आतंकी वैभव राउत (40) को एटीएस ने 10 अगस्त को सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के मकसद से बम ब्लास्ट की साजिश में संलिप्त रहने के जुर्म में नालासोपारा इलाके से गिरफ्तार किया था। उसे शनिवार तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा गया था। गिरफ्तारी के बाद उस भगवा आतंकी के समर्थन में भगवा गिरोह भंडारली गांव से करीब 200 की संख्या में लोग 12 अगस्त को सड़कों पर उतरे और आतंकी के समर्थन में भगवा भीड़ ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों वे वैभव को रिहा करने की मांग की।

‘वंदे मातरम‘ और ‘जय श्री राम‘ के उद्घोषों के साथ रैली निकाल रहे लोगों ने बता दिया कि आखिर उनकी संबद्धता किसके साथ है और उनके उद्भव और विकास के पीछे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कौन है। नालासोपारा इलाके में वैभव को अपने ब्राह्मणवादी हिंदुत्व के सिद्धांतों के लिए जाना जाता था। एटीएस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के बाद आतंकी के समर्थन में सैंकड़ों भगवा उन्मादी सड़कों पर उतर आये हैं। एटीएस ने वैभव राउत की गिरफ्तारी के साथ ही भारी तादाद में उसके घर से विस्फोटकों तथा हथियारों की बरामदगी भी दिखाई थी।

महाराष्ट्र एटीएस ने पिछले हफ्ते पालघर के नाला सोपारा से वैभव राउत (40), शरद कलेस्कर (25) और पुणे से सुधन्वा गोंधालेकर (39) तीन आतंकियों को गिरफ्तार करके भगवा आतंक के माॅडयूल का खुलासा किया था। पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला था जिसमें 11 देसी तमंचे, पिस्टल, मैगजीन, एयर गन और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान शामिल था। ये गिरफ्तारी गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रही एसआईटी के इनपुट पर हुई थी।

अब इतने बड़े भगवा आतंकी माॅडयूल का खुलासा जब कर्नाटक एसआईटी के इनपुट पर हुआ है तो भगवा आतंक के समर्थक बौखलाकर सड़कों पर उतर आये हैं। दूसरी रैली राउत के समर्थकों ने गत शुक्रवार को पूरी तैयारी के साथ रैली का आयोजन किया। अबकी बार लोग वैभव राउत की तस्वीर छपी टीशर्टस पहने हुए थे। जिस पर लिखा था मैं भी वैभव राउत हूं। वह लोग पहले की तरह ‘वंदेमातरम‘, ‘जय श्रीराम‘ और गौ रक्षा के समर्थन में नारे लगा रहे थे।

इस रैली का नेतृत्व वैभव राउत की पत्नी लक्ष्मी राउत ने किया। एक तरफ जहां पुलिस और मीड़िया इस रैली में 1500 से 2000 लोगों की भीड़ होने का अनुमान लगा रहे हैं तो वहीं भगवा आतंकियों के समर्थक इसमें 9000 लोगों के शामिल होने के दावे कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि 9 हजार लोग जिसके समर्थन में आ गये हैं वह आतंकी कैसे हो सकता है। भगवा आतंक के समर्थक भूल रहे हैं कि उनके इस तर्क के साथ तो हाफिज सईद भी साधु बन जाता है उसकी रैली में हजारों हजार लोग उमड़ते हैं और आईएसआईएस जैसे दुनिया के कई आतंकी संगठनों की हिंसक सेना की संख्या कईं नौ हजार होती है तो क्या उनके अपराध, उनके पाप खत्म हो जाने चाहिए। या उन्हें आतंकी का नही साधुओं का तमगा दे देना चाहिए। परंतु लगता है कि ब्राह्मणवादी भगवा आतंकवाद अब धीरे धीरे अपने असली रंग में आ रहा है। अब देखना यह है कि भारत में भगवा आतंकवाद का मातृ संगठन किन तर्कों के साथ इस आतंकवाद के सुर में सुर मिलाता है और अपना असली रंग दिखाता हैं। देखते जाइये, 2019 के चुनावों से पहले भगवा राजनीति के कईं मुखौटे धीरे धीरे सामने आने वाले हैं।