अमित शाह को काले झण्डे दिखाये गये, वसुंधरा के खिलाफ वापस जाओ के नारे लगे

आईएनएन भारत डेस्क
भाजपा बेशक 2019 में जीत के दावे कर रही हो परंतु सच्चाई यह है कि सत्ता में चार साल से अधिक बीतने पर उसकी जुमलेबाजी और वादे पूरे करने में पूरी विफलता अपना रंग दिखाने लगी है। पक्ष से लेकर विपक्ष तक भाजपा को चारो तरफ विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कलकत्ता में जहां अमित शाह को काले झण्ड़े दिखाये गये तो वहीं राजस्थान में वसुंधरा को अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में “वसुधरा वापस जाओं”, “वसुंधरा झालावाड छोड़ो” के नारों का सामना करना पड़ा।

अमित शाह के कार्यक्रम को यदि कलकत्ता में सुपर फ्लाप शो कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी। भाजपा अमित शाह की रैली के लिए भाजपा ने तीन से साढ़े तीन लाख लोगों को जुटाने का दावा किया था परंतु मायो रोड पर हुई इस रैली में उनके दावे का दस प्रतिशत भी नहीं पहुंचा और शाह बंगाल के सवालों को छोड़कर एनआरसी और भावनात्मक बातें ही करते रहे। शायद उन्हें बंगाल की जनता के मिजाज का अहसास नही है कि बंगाली लोग नाॅन इश्यूज को अच्छी तरह समझते हैं और उनके झांसे में आने वाली नही है। इसके अलावा शाह को कलकत्ता के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हवाई अड्डे से निकलते ही कांग्रेस के युवा काय्रकर्ताओं ने काले झण्डे दिखाये और मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

उधर जहां बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अमित शाह को काले झण्डे दिखाये तो वहीं राजस्थान में भाजपा कार्यकर्ता प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के मौके पर झालावाड़ में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकाली और वसुंधरा राजे के खिलाफ नारेबाजी की। इस रैली में कार्यकर्ताओं ने तख्ती थाम रखी थी जिस पर ‘वसुंधरा वापस जाओ‘‘, वसुंधरा झालावाड़ छोड़ो‘ जैसे नारे लिखे हुए थे।

इस रैली में एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ता 500 मोटरसाइकिल से झालावाड़ और इसके पड़ोसी क्षेत्र झालरापाटन शहरों के बाजारों से गुजरे। आयोजकों ने बताया कि कार्यकर्ता भ्रष्टाचार और झालावाड़ में विकास कार्य नहीं होने को लेकर विरोध कर रहे थे। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अपने विधानसभा क्षेत्र झालावाड़ में ही पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।