राजद के कैंडल मार्च में जुटा पूरा विपक्ष, भाजपा की मुश्किले और चिंताएं बढ़ी

आईएनएन भारत डेस्क
मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न काण्ड पर शनिवार शाम को राजद के आह्वान पर एक बड़े विरोध प्रदशन और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। राजद के नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित इस कैंडल मार्च में राजद के अलावा भी लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता भाग लेने के लिए पहुंचे। राजद नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न काण्ड के खिलाफ आयोजित कैंडल मार्च में भाग लेने केे लिए राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा नेता एवं सांसद डी राजा सहित देश के सभी दिग्गज नेता पहुंचे थे।

कैंडल मार्च में सबसे पहले पहुंचने वाले नेताओं में एसपी नेता घनश्याम तिवारी, आरजेडी सांसद मनोज झा और जय प्रकाश नारायण यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल थे। इसके बाद तेजस्वी, मीसा भारती, शरद यादव और सीपीआई के डी राजा जंतर मंतर पहुंचे। लगभग सात बजे के आसपास दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी राजद के धरने में पहुंच चुके थे। सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और टीएमसी के नेतां दिनेश त्रिवेदी भी धरना-स्थल पर पहुंचे।
धरने को संबोधित करतेे हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाकपा नेता डी राजा ने नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी धरने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दबाव के बाद ही सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की नीयत सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस शेल्टर होम में करीब 8 दलित बच्चियों के साथ रेप हुआ. इस वजह से इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बिहार के पूर्व सीएम ने कहा कि बिहार सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए।

उधर राजद नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी ने कहा हम चाहते हैं कि ब्रजेश ठाकुर को फांसी दी जाए। बिहार में पिछले एक साल में क्राइम रेट बढ़ा है। गैंगेरेप की खबरें अलग-अलग जिलों से लगातार आ रही हैं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाल आयोग की रिपोर्ट के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। टाटा इंस्ट्यिूट की रिपोर्ट आने के 2 महीने बाद एफआईआर दर्ज की गई थी और उसमें मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का नाम गायब था। यह दर्शाता है ब्राजेश नीतीश जी के करीबी सहयोगी रहे हैं।

इसके बाद बिहार सरकार की नीयत पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस पीड़िता के पास सभी सूचनाएं हैं इसे मधुबनी के शेल्टर होम में रखा गया है, लेकिन शिफ्ट किए जाने के बाद उस लड़की के बारे में कोई सूचना नहीं है। वो लड़की जिंदा है या इसे मार दिया गया है या वो गायब है।

धरने में छात्र नेता कन्हैया कुमार और शेहला राशिद भी पहुंची। छात्रनेताओं ने कहा कि जेडीयू इस मामले को भटका रही है उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को मंत्री मंजू वर्मा को मंत्रीमंडल से बर्खास्त करना चाहिए।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मुजफ्फरपुर मामले के विरोध में शनिवार को जंतर-मंतर पर धरना और कैंडल लाइट मार्च निकालने के लिए तेजस्वी ने राहुल गांधी और केजरीवाल दोनों को बुलाया था। ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थी कि दोनों नेता शायद एकसाथ इस विरोध में शामिल ना हों परंतु सभी अटकलों को किनारे करते हुए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने धरने और कैंडल मार्च में भाग लिया। आम आदमी पार्टी ने इस आयोजन का खुलकर समर्थन किया और खुद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों से आने की अपील की है। इससे यह सिद्ध हो गया कि मोदी नीत भाजपा के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट होने के लिए आतुर हैं। इसने भाजपा की ना केवल मुश्किलें बढ़ायी हैं बल्कि मोदी और शाह की जोडी के माथे चिंता की लकीरें भी उभार दी हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर एक संदेश देकर लोगों से बड़ी संख्या में कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की। तेजस्वी यादव के इस कैंडल मार्च का दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने समर्थन किया था और लोगो ने इसमें भारी संख्या में शामिल होकर इस विरोध मार्च को कामयाब बनाया।