ट्राइ अध्यक्ष की जानकारी सार्वजनिक करके हैकर्स ने दिखाया कि आधार है कितना खतरनाक

आईएनएन भारत डेस्क
आधार की गोपनीयता फिर से सवालों के घेरे में है। क्या आधार नंबर को सभी योजनाओं के लिए अनिवार्य करना और उसके सार्वजनिक हो जाने के खतरे उठाना क्या नागरिकों की गोपनीयता को सार्वजनिक करना और नागरिकों को खतरे में डालना नही है। ऐसी ही एक चुनौती भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने अपना आधार नंबर सार्वजनिक करके दे डाली। परंतु कुछ ही घण्टों में आर एस शर्मा की सारी जानकारी हैकर्स ने सार्वजनिक करके आर एस शर्मा सहित आधार के सभी समर्थकों को आइना दिखा दिया कि आधार कितना सुरक्षित है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष और आधार प्रणाली के सबसे बड़े समर्थकों में से एक आरएस शर्मा ने आधार की गोपनीयता को फुल प्रूफ दिखाने के लिए ऐसा काम किया कि अब आधार की गोपनीयता की गारंटी के सरकार सहित आधार के समर्थकों के दावे हवा हो जाने वाले हैं। आर एस शर्मा ने आधार की गोपनीयता को पुख्ता सिद्ध करने के लिए सोशल मीडिया पर एक चुनौती भरा पोस्ट लिखा। लेकिन अब यही पोस्ट आगे बढ़कर उनके और आधार के समर्थकों के लिए जी का जंजाल बनने वाला है।

 वास्तव में आरएस शर्मा ने आधार की सुरक्षा का दावा करते हुए अपना आधार नंबर सोशल मीडिया पर शेयर किया कर दिया था। इसे शेयर करते हुए उन्होंने चुनौती दी थी की इस आधार नंबर से कोई उनका डेटा लीक कर के दिखाए। उनका इरादा आधार को लीक प्रूफ दिखाने का था। उन्होंने लिखा भी था कि मेरा आधार नंबर 762177682740 है। मैं चुनौती देता हूं कि आप कोई ठोस उदाहरण दें कि इसे जानकर आप मुझे कोई नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन उनकी चुनौती कुछ घंटों के भीतर ही धाराशायी हो गयी और उनकी सारी निजी गोपनीय जानकारियां लीक होकर सार्वजनिक हो गयी।

इलियट एल्डरसन नाम के फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ हैं। एल्डरसन ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर शर्मा के आधार नंबर के जरिए उनके निजी जीवन से जुड़ी कई जानकारियां जुटाकर सोशल मीडिया पर उसे शेयर कर दीं। इसमें शर्मा का पता, जन्मतिथि, वैकल्पिक फोन नंबर जैसे डेटा शामिल थे। उन्होंने इन जानकारियों को शेयर करते हुए शर्मा और सभ्ज्ञी आधार के समर्थकों को बता दिया कि आधार संख्या को सार्वजनिक करने के क्या खतरे हो सकते हैं।

एल्डरसन ने लिखा कि आधार संख्या असुरक्षित है। लोग आपका निजी पता, वैकल्पिक फोन नंबर से लेकर काफी कुछ जान सकते हैं। मैं यही रुकता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि आप समझ गए होंगे कि अपना आधार संख्या सार्वजनिक करना एक अच्छा काम नही है।

यही नही एल्डरसन ने आर एस शर्मा की आधार संख्या की मदद से शर्मा के निजी फोटो तक ढूंढ़ निकाले और ट्वीट कर प्रकाशित करते हुए लिखा कि मैं समझता हूं कि इस तस्वीर में आपकी पत्नी और बेटी हैं। देखना है कि आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में से आरएस शर्मा उनकी चुनौती के धाराशायी हो जाने के बाद क्या रूख अपनाते हैं। शर्मा आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में से एक माने जाते हैं। उनकी चुनौती के तार तार हो जाने के बाद भी उनका कहना है कि यह विशिष्ट संख्या किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करता है और सरकार को इस तरह के डेटा बेस बनाने का अधिकार है, ताकि वो सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत देश के नागरिकों को सब्सिडी दे सकें। हालांकि आधार विरोधियों का मानना है कि शर्मा की यह राय उनके राजनीतिक पक्षपात को दर्शाता है। बावजूद इसके कि उनकी चुनौती को एल्डरसन ने धूल में मिला दिया उनका आधार को समर्थन सरकार को खुश करने के अलावा कुछ भी नही है।

एल्डरसन आधार डेटा प्रणाली की सुरक्षा से जुड़ी खामियों का खुलासा करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शर्मा से जुड़ी कई सारी जानकारियां और तस्वीरें प्रकाशित की, हालांकि उनमें कई संवेदनशील हिस्सों को ब्लर कर प्रकाशित किया, ताकि शर्मा की निजता को कोई नुकसान न हो। उनके द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में शर्मा का पैन कार्ड भी शामिल था, हालांकि उसके नंबरों को एंडरसन ने ब्लर कर दिया था। एल्डरसन का शर्मा की चुनौती को धाराशायी करने से जाहिर हो गया है कि आधार किसी भी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन है और नागरिकों को खतरे में डालने वाला है।