मराठा बंद के दौरान जल उठा महाराष्ट्र, मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बेफिक्र

आईएनएन भारत डेस्क
नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे मराठा क्रांति मोर्चा द्वारा आयोजित महाराष्ट्र बंद के दौरान जल उठा पूरा महाराष्ट्र। मोर्चा ने हालात को देखते हुए 48 घण्टे के बंद को दूसरे दिन वापस ले लिए परंतु आगजनी और हिंसा की वारदातें अभी तक भी जारी हैं। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने की मांग करते रहे तो समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री और भाजपा आलाकमान की तरफ से ना बंद से पहले और ना बंद के बाद बंद रोकने की कोई कोशिश नज नही आयी। लगता है कि भाजपा आलाकमान और मुख्यमंत्री इस बंद को लेकर बेफिक्र हैं, लापरवाह हैं।
महाराष्ट्र मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों के पथराव में एक कॉन्स्टेबल की मौत हो गई थी, जबकि नौ लोग जख्मी हो गए थे।

प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को भी फूंक दिया और दो प्रदर्शनकारियों ने खुदकुशी करने की कोशिश भी की। मंगलवार को बुलाए महाराष्ट्र बंद का ज्यादा असर औरंगाबाद और आसपास के जिलों में देखने को मिला, जहां मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गयी।

इस बीच जगह-जगह आगजनी की घटना हुई। बसों और कारों को आग के हवाले कर दिया गया। मराठा क्रांति मोर्चा का बंद नवी मुंबई और थाणे में जारी है, बाकी जगहों से बंद वापस लिया जा चुका है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ब्लॉक कर दिया गया। ठाणे और वाशी के बीच चलने वाली ट्रेनें रद्द की गयी। वर्ली में आंदोलनकारियों ने सिर मुंडवाये। नवी मुंबई में 80 बसें रद्द हुई।

प्रदर्शन के दौरान 9 बसों को नुकसान पहुंचाया गया है। कुर्ला, भंदूप, अंधेरी, साकीनाका, कांदीवली, कोपरखैराने और चांदीवली में बसों में तोड़फोड़ की गयी। पनवेल में प्रदर्शनकारियों ने मुंबई-गोवा हाइवे बंद कर दिया। रायगढ़ के नजदीक हाइवे पर दर्जनों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। लातूर जिले के उदगीर में जबरदस्ती दुकाने बंद कराने को लेकर दो गुटों में हिंसक संघर्ष शुरू हो गया।

औरंगाबाद में खुदकुशी करने वाले प्रदर्शनकारी जगन्नाथ सोनावने की अस्पताल में मौत हो गई है। उसने कल जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी।