जी एस टी में कई बदलाव फिर भी आम आदमी से राहत दूर

आईएनएन भारत डेस्क
नई दिल्ली:  जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में हुई। इस बैठक को लोकसभा 2019 के चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस बैठक में मिडिल क्लास मतदाताओं को टारगेट करते हुए, उनके पक्ष में कई फैसले लिए गये। ये बात भी सही है कि गिनती के वस्तुओं पर, GST के करो में मामूली कमी से मिडल क्लास को कोई खास लाभ नही होने वाला है। परन्तु केंद्र सरकार और वित्त मंत्री बार बार बताने की कोसिस कर रहे है कि मिडिल क्लास के लोगो को बहुत फायदा होगा।

GST कौंसिल की 28वीं बैठक में कई वस्तुओं पर से टैक्स रेट कम करने का फैसला किया। रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और छोटे टेलीविजन सहित कई सामानों पर जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। इतना ही नहीं कई सामानों पर से टैक्स भी समाप्त कर दिया है, जिसमें सैनिटरी नैपकिन, राखी, फोर्टिफाइड मिल्क और पत्थर, मार्बल और लकड़ी से बनी मूर्तियां शामिल हैं।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, ‘जीएसटी परिषद ने कई उत्पादों पर कर में कटौती की है। राखी को जीएसटी से छूट दी गई है, एथनॉल पर कर को कम करके 5 प्रतिशत किया गया और दस्तकारी के छोटे सामानों को कर से छूट दी गई है।’

जिन वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम की गई हैं। वे इस प्रकार है:- जूते-चप्पल, छोटे टेलीविजन (25 इंच स्क्रीन तक), इमर्शन हीटर, आयरन मशीन, रेफ्रिजरेटर, लीथियम ऑयन बैटरी, हेयर ड्रायर, वैक्यूम क्लीनर, खाद्य उपकरण और एथनॉल शामिल हैं।

निर्माण क्षेत्र के काम आने वाले तराशे हुए कोटा पत्थर, सैंड स्टोन और इसी गुणवत्ता के अन्य स्थानीय पत्थरों पर जीएसटी की दर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है। अब 1000 रुपए तक के जूते-चप्पल पर 5% टैक्स लगेगा। पहले यह रियायती दर केवल 500 रुपए मूल्य के जूते-चप्पल पर लागू थी।

वहीं हस्तनिर्मित कालीन और हस्तनिर्मित कपड़े पर जीएसटी की दर को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इथेनॉल, जो पेट्रोल और डीजल में मिलाया जाता है, पर कर की दर को घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है।

इसके अलावा पीयूष गोयल ने कहा, ‘5 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, इससे 93 प्रतिशत करदाताओं को फायदा होगा।’ जीएसटी की ये नई दरें 27 जुलाई से लागू होंगी।