भर्ती घोटाले में माहिर साबित भाजपा, सांसद की बेटी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार

आईएनएन भारत डेस्क
भाजपा को सत्ता में आये चार साल से अधिक बीत चुके हैं और अब उसके नेताओं के कारनामें बाहर आने लगे हैं। यदि 2019 में भाजपा सत्ता से बाहर हो जाती है तो जाहिर है ऐसे अनेकों घोटाले और सत्ता के दुरूप्योग के मामले सामने आ सकते हैं। ताजा मामला बुधवार को भाजपा सांसद आर पी शर्मा की बेटी पल्लवी शर्मा सहित असम सरकार के 19 अधिकारियों को लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिये जाने का है। 2016 में हुए असम लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में उनकी हैंडराइटिंग ना मिलने के कारण इन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एपीएससी में नौकरी के लिए नकदी मामले की जांच कर रही डिब्रुगढ़ पुलिस ने असम सिविल सेवा (एसीएस), असम पुलिस सेवा (एपीएस) और सहायक सेवाओं 2016 बैच के 19 अधिकारियों को समन किया है। इन अधिकारियों के उत्तर पत्र की फॉरेंसिक परीक्षा में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद उन्हें हैंडराइटिंग टेस्ट में शामिल होने के लिए कहा गया।

डिब्रुगढ़ के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने कहा कि 19 अधिकारियों की लेखनी उनकी उत्तर पत्रिका से नहीं मिल रही थी। इसके बाद कराई गई फॉरेंसिक जांच में भी यही चीज साबित हुई। इसके बाद इन तमाम अधिकारियों को गुवाहटी में गिरफ्तार कर लिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जांच अधिकारी सुरजीत सिंह पनेश्वर ने बताया कि तेजपुर से बीजेपी सांसद आर पी शर्मा की बेटी पल्लवी शर्मा एपीएस अधिकारी हैं। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।

ध्यान रहे इस प्रकार के घोटाले के आरोप गुजरात में भी भाजपा सरकार पर लगते रहे हैं। पिछले कईं सालों में गुजरात में एक भर्ती घोटाला सामने आये था जिसमें आरोपी बनाये गये चंपावत ने भाजपा के कईं बडे नेताओं और मंत्रियों तक पर तलाटी भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाये थे और भाजपा के बड़े नेताओं पर आरोप लगाते हुए उनसे अपनी जान को खतरा भी बताया था। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा भर्ती घोटालों की माहिर पार्टी है।

इसके अलावा भाजपा शासित मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला आजाद भारत का सबसे व्यापक और खतरनाक घोटाला बन चुका है। जितनी हत्याएं व्यापम घोटाले के संदर्भ में हो चुकी है उतनी देश में किसी घोटाले का दूसरा उदाहरण नही मिलता है। लाभार्थी से लेकर घोटाले के गवाहों तक अभी तक 2013 में घोटाला खुलने से लेकर अभी तक 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।