सामने आये संघी संस्कार, स्वामी अग्निवेश के साथ मारपीट, कपडे तक फाड डाले

आईएनएन भारत डेस्क
प्रसिद्ध आर्य समाजी संत और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और उनके कपडे तक भी फाड डाले गये। स्वामी अग्निवेश पर संघी भगवा गिरोह का यह हमला झारखंड के पाकुड़ जिले में हुआ। स्वामी अग्निवेश पर हमला करने वाले भाजपा के युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं बताये जा रहे हैं। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने स्वामी के उपर लात घूसों से हमला किया, उनकी इस कदर बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई की उनके कपडे भी फट गये। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी हैं।

स्वामी अग्निवेश रांची से 350 किलोमीटर दूर पाकुड़ जिले में 195वें दामिन महोत्सव में हिस्सा लेने गये थे। हमेशा की तरह घटना सामने आने के बाद राज्य के भाजपा मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

भाजपा युवा कार्यकर्ताओ स्वामी अग्निवेश पर उस समय हमला किया जब वे शहर के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये हुए थे। होटल से निकलने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला बोल किया। बताया जा रहा है कि ये कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश द्वारा बीफ खाने को लेकर दिए गए बयान से नाराज थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वामी अग्निवेश आदिवासियों को भड़काने का काम कर रहे हैं।

हर घटना के बाद भाजपा की रटी रटायी प्रतिक्रिया आयी है, राज्य के भाजपा मुख्यमंत्री रघुबर दास ने गृह सचिव को जांच के आदेश दिए है। संथालपरगना के आयुक्त और डीआईजी मामले की जांच करेंगे। भगवा गिरोह लोगों पर गौरक्षा के नाम पर हमले करता है, लोगो को मार डालता है और भगवा नेता तथाकथित जांच के आदेश देकर खानापूर्ति करता है। रघुबर दास ने अपने दल की स्थापित परंपराओं का पालन करते हुए जांच के आदेश दे दिये हैं।

 

पाकुड़ में अपने ऊपर हुए हमलों के मामले में स्वामी अग्निवेश ने राज्य सरकार से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे किय और कहा कि इतनी बड़ी घटना घट गई, लेकिन पुलिस हरकत में नहीं आई। उन्होंने मांग की कि जो लोग हमले में शामिल थे, उनका संगठन क्या है? वे कौन लोग हैं? इसकी जांच कर सरकार उनपर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई।

स्वामी अग्निवेश ने बताया कि पिटाई के दौरान वे लोग गंदी-गंदी गालियां भी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं जैसे ही दरवाजा खोलकर बाहर निकला हूं, वे लोग मेरे ऊपर टूट पड़े। मैं बार-बार हाथ जोड़ता रहा। उनसे पूछता रहा कि बताओ भाई बात क्या है, लेकिन वे लोग सुनने को तैयार नहीं थे। सिर्फ मेरे ऊपर लात-घूंसों की बारिश कर रहे थे। स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उन लोगों ने मेरे कपड़े फाड़े, पगड़ी उतार दी और मेरा चश्मा तक भी तोड़ दिया। साथ ही उन्होंने मेरा मोबाइल भी छीन लिया उसके बाद पत्थर उठाकर मेरे सिर पर मार रहे थे, मेरे सहयोगी ने उन्हें रोका और मुझे बचाया।

स्वामी ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजकों ने मेरे आने की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी थी। उसके बाद भी ऐसा हुआ। मैं अब आरोपियों की शिनाख्त कर कार्रवाई की मांग करता हूं। इससे पहले भी स्वामी अग्निवेश के साथ गुजरात में भी ऐसे ही थप्पड मारने की घटना हो चुकी है