नगर निगम, डीडीए और केन्द्र के नियंत्रण वाले विभाग उप राज्यपाल के साथ मिलकर कोर्ट और जनता की आंखों में झोंक रहे हैं धूल

आईएनएन भारत डेस्क
डीडीए ने पिछले दिनों दिल्ली में अवैध निमार्ण पर रोक लगाने के लिए स्पेशल टाॅस्क फोर्स का गठन किया और साथ ही एक एप भी लांच कर डाला। परंतु कोर्ट की बेहद सख्ती और दिल्ली के नगर निगमों, डीडीए एवं उप राज्यपाल सचिवालय के तमाम दावों के बावजूद दिल्ली में अवैध निर्माण रूकने का नाम नही ले रहे हैं। दिल्ली भ्रष्टाचार की अराजकता का शहर बनकर रह गया है। यदि दिल्ली में तीनों नगर निगमों, डीडीए और दिल्ली पुलिस के भ्रष्टाचार पर ही पूरी तरह से अंकुश लग जाये तो तय है कि दिल्ली का कम से कम दो तिहाई प्रदूषण नियंत्रण में आ जायेगा। अभी तक आईएनएन भारत ने अवैध बसों को संचालित करने वाले बस माफिया और पुलिस की मिलीभगत को लेकर एक श्रंखला चलाई थी जिसमें साफ सबूत पेश करने के बावजूद भी दिल्ली पुलिस ने इसे रोकने के कोई प्रभावी कदम नही उठाये। अब आपके सामने दिल्ली में जारी अवैध निर्माणों को लेकर भी आईएनएन भारत केन्द्र के नियंत्रण वाले दिल्ली के तथाकथित असली प्रशासकों की करतूतों पर रोशनी डालेगा।

सबसे पहले ऐसी संपति की बात जिस पर वैध अथवा अवैध निर्माण नही हो सकता है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के तहत शाहदरा उतरी जोन में मोती राम रोड पर कभी सुदर्शन रोलिंग मिल होता था जो काफी वर्षों पहले बंद कर दिया गया। जाहिर है यह एक औद्योगिक प्लाट है। जिसे आवासीय संपति में बदलवाने के लिए दिल्ली के मास्टर प्लान के अनुसार कुछ हिस्सा पार्क के लिए छोडना होगा। परंतु इस प्लाॅट पर पहले ही दो बड़ी संपतियों और विभिन्न प्रकार के छोटे मोटे निर्माण हो चुके हैं। बगैर लैंड यूज चेंज करवाये। इस बीच नगर निगम ने कुछ निर्माणों को ध्वस्त भी किया है और कुछेक को कागजों पर सील भी दिखाया है। साथ ही संपति निर्माण के लिए इस संपति पर पहले भी कईं बड़े पेड काटे जा चुके हैं और अभी भी बचे हुए पेडों को काटने की तैयारी हैं।

फिलहाल भी इस सपंति पर बगैर अनुमति के अवैध निर्माण जारी है जिसके बारे आसपास के रहने वाले लोगों ने बताया है कि कुछेक शिकायतें इस निर्माण के खिलाफ गई हैं परंतु पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने कोई कार्रवाई आजतक नही की है। 601, मोती राम रोड (सुदर्शन रोलिंग मिल) पर अवैध निर्माण लगातार जारी है। यहां पर एक शीशम का पेड भी खड़ा है जिसे चालाकी से काटने की तैयारी है। इस पेड को दीवार से चारो तरफ से कवर कर दिया गया है। जाहिर है दीवार के उंची हो जाने के बाद यह पेड कवर करके काट दिया जायेगा।

परंतु शिकायतों के बाद भी ना केवल पूर्वी दिल्ली नगर निगम बल्कि दिल्ली पुलिस और उप राज्यपाल सचिवालय खामोश है निष्क्रिय है। पेड कटने की संभावना से लेकर मनमाने अवैध निर्माण तक केन्द्र नियंत्रित सारी एजेंसियां भ्रष्टाचार को खुली शह दे रही हैं। बावजूद इसके कि कोर्ट ने सफाई के सवाल पर उप राज्यपाल को अभी एक दिन पहले ही निशाने पर लेकर उनके खिलाफ कडी टिप्पणियां की थी। इसका उदाहरण, 601 मोती राम रोड शाहदरा दिल्ली-110032 में बेशर्मी से जारी अवैध निर्माण एक पुख्ता उदाहरण शहर के सामने है।