ताज मामले पर सुप्रीम कोर्ट की केन्द्र सरकार को कडी फटकार

आईएनएन भारत डेस्क
ताजमहल के संरक्षण मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को कडी फटकार लगाई है। ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप इसकी देखभाल नहीं कर सकते तो हम इसे बंद कर दें या आप इसे ध्वस्त कर दें। बुधवार को कोर्ट में ताजमहल के समुचित देखभाल के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई।

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट जज ने कहा कि ताज एफिल टावर से भी कहीं ज्यादा सुंदर है और इसके जरिए हम अपनी विदेशी मुद्रा की दिक्कत को भी दूर कर सकते हैं। इस दौरान जज ने एफिल टावर की तुलना एक टीवी टावर से कर दी! प्राप्त खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट जज ने कहा कि हर साल 80 मिलियन लोग एफिल टावर को देखने जाते हैं जो दरअसल एक टीवी टावर की तरह दिखता है। हमारा ताज उससे कहीं ज्यादा सुंदर है। अगर आपने इसकी देखभाल की होती तो इससे हमारे देश की विदेशी मुद्रा की समस्या दूर हो चुकी होती।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर कहा कि केवल एक स्मारक देश की समस्या का समाधान कर सकता है। क्या आपको अपनी उदासीनता के कारण देश को हुई हानि का एहसास है? जबकि देश में इतने सारे स्मारक हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा ताजमहल के संरक्षण के लिए विजन डॉक्यूमेंट पेश नहीं कर पाने पर भी नाराजगी जताई। केन्द्र पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में केंद्र की तरफ से अभी तक क्या किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि टीटीजेड (ताज ट्रैपेजियम जोन) एरिया में उद्योग लगाने के लिए आ रहे आवेदन पर विचार हो रहा है। ये कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा पीएचडी चेंबर्स को कहा है कि जो इंड्रस्टी चल रही है उसको क्यों न आप खुद बंद करें। जज ने कहा कि 31 जुलाई से इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई होगी।