हत्यारी बसें और बेशर्म व बैखोफ हो चुका पुलिसिया भ्रष्टाचार

आईएनएन भारत डेस्क
दिल्ली में अवैध बसों रूकने का नाम ही नही ले रही हैं। इन बसों में क्षमता से अधिक सवारियां ठूस ठूस कर भरे जाने और भारी दुर्घटनाएं दुर्घटनाएं होने के बाद भी बस माफिया की गतिविधियां और पुलिस का बेशर्म भ्रष्टाचार थमने का नाम नही ले रहा है।

कांति नगर के अवैध बस स्टैंड की तरफ जाती मान चतुर्वेदी कंपनी की बस, बस केशव चैक, शाहदरा पर बने पुल के नीचे से गुजर रही है

पिछले दिनों हमने मान चतुर्वेदी नामक बस कंपनी की बस की मैनपुरी में दुर्घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि कुछ दिनों के लिए मान चतुर्वेदी की अवैध बसों पर रोक लग गयी है। साथ ही हमने दावे के साथ कहा था कि पुलिसिया भ्रष्टाचार इन बसों को फिर से चालू करवा देगा। और हुआ भी वही दिल्ली की सड़कों पर मान चतुर्वेदी की बसें फिर से बैखोफ और निरंकुश तरीके से दौड रही है। जाहिर है यह सब दिल्ली पुलिस की कृपा से ही संभव हो पा रहा है। बसें भी उस जगह दौडती देखी गई जिस जगह पर दिल्ली पुुलिस ने कार्रवाई करने का दावा किया था और एक शिकायतकर्ता को लिखित जवाब भी भेजा था। आईएनएन भारत आज फिर से एसीपी, यातायात गांधी नगर के पत्र और दिल्ली पुलिस के ट्वीट के साथ इस खबर को प्रकाशित कर रहे हैं।

जहां दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करने का दावा किया वहीं बैखोफ चल रहा बस माफिया का अवैध बस अड्डा, कार्रवाई के दावे का साक्ष्य पुलिस का पत्र

ध्यान रहे मान चतुर्वेदी की इस बस की 13 जून को मैनपुरी में दुर्घटना हुई थी। इस दुर्घटना में घटनास्थल पर ही 17 लोग मारे गये थे और 30 घायल हुए थे जिसमें से कुछ बाद में भी दम तोड़ गये थे। जिसकी खबर देश के लगभग सभी अखबारों ने छापी थी, जिसमें साफ लिखा हुआ था कि बस ओवरलोडिड थी। यहां तक कि बस की छत पर भी 30 सवारियां बैठी हुई थी। कार्रवाई के नाम पर कईं राज्यों में मान चतुर्वेदी की बसें बंद रही परंतु अब फिर से यह अवैध बसें सरपट दौड रही हैं।

दिल्ली में भी विभिन्न जगहों से इन बसों का संचालन होता है। इनके ठिकानों में पूर्वी दिल्ली का शास्त्री पार्क, लोनी बार्डर का इलाका है। इसके बाद यह बसें सीलमपुर, वेलकम, कांतिनगर होते हुए वापस जीटी रोड से बार्डर पा करके सीमापुरी सर्कल इंस्पेक्टर के इलाके बैखोफ यूपी में दाखिल हो जाती हैं। यह अवैध बसें ना केवल दिल्ली शहर में प्रदूषण फैला रही हैं, बल्कि अपने लालच में ओवरलोडिंग करके लोगों की जान को जोखिम में डाल रही हैं और दिल्ली में अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर पार्क हो रही हैं, यातायात को बाधित कर रही हैं। परंतु इन सभी अनियमितताओं के बाद भी यह बसें पुलिसिया भ्रष्टाचार के संरक्षण में बदस्तूर दौड रही हैं।