दिल्ली सरकार और उप राज्यपाल के विवाद में जीती आप सरकार, सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

आईएनएन भारत डेस्क
उप राज्यपाल और दिल्ली की सरकार के बीच मतभेद पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अभी तक दिल्ली के असली प्रशासक बने बैठे उप राज्यपाल की भूमिका सीमित हो गई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि एलजी जनता द्वारा चुनी हुई दिल्ली सरकार की सलाह पर ही काम करेंगें। जिससे साफ हो गया है कि दिल्ली मे अब चुनी हुई सरकार की ही चलेगी।

हालांकि दिल्ली में अभी भी पुलिस जमीन और कानून व्यवस्था का काम दिल्ली सरकार के पास नहीं रहेगा। यह फैसला आप के लिए एक बडी नैतिक जीत ही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि ये दिल्ली की जनता और लोकतंत्र की जीत है। हालांकि इस जीत के बाद अरविंद केजरीवाल जनता को बता सकेंगे कि उनकी बात सच साबित हुई है। एलजी चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहें थे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री का कहना था कि एलजी सरकार की तरफ से चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं में बाधा डाल रहें हैं। जिसमें कई ऐसे प्रोग्राम थे जिसको आप फ्लैगशिप प्रोग्राम की तरह ले रही थी। घर पर राशन डिलवरी करने का फैसला दिल्ली सरकार ने लिया था। लेकिन एलजी ने मंजूरी नहीं दी थी। दिल्ली मे तकरीबन 72 लाख लोग है जिनको पीडीएस से राशन मिलने की सुविधा मिली है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी एलजी को आपत्ति थी। यहीं नहीं दिल्ली सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में नियुक्त किए गए वकीलों के पैनल को एलजी ने अवैधानिक करार कर दिया था।

इसके अलावा आप के मोहल्ला क्लीनिक को लेकर काफी बवाल चल रहा था। दिल्ली में काम कर रहे अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर केजरीवाल काफी नाराज थे। जिसमें दिल्ली सरकार की कोई सुनवाई नही हो रही थी। इस हफ्ते ही गृहमंत्री को चिट्ठी लिखकर अधिकारियों के तबादले को लेकर आपत्ति जाहिर की गयी थी। बहरहाल कोर्ट के फैसले के बाद अब तक के केजरीवाल के कार्यकाल में जो काम नहीं हो पाए है। उसका जायज ठीकरा एलजी पर ही फूटेगा।

दिल्ली में पूर्ण राज्य का मुद्दा सभी सरकारों ने कमोवेश उठाया है लेकिन ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे को अघिक गंभीरता ये उठायेंगे और पहले भाजपा भी इसे उठाती रही है तो उसे उसीके दांव से केजरीवाल भाजपा को कटघरे में खड़ा करेंगे।

इसके लिए आप ने तैयारी भी कर ली है। 1 जूलाई को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए सम्मेलन किया। दिल्ली के विधायक और आप के लोग शामिल हुए। जिसमें तय हुआ कि पार्टी मिस कॉल के जरिए इस मुहिम के लिए समर्थन जुटाएगी। 25 जुलाई तक हस्ताक्षर अभियान चलेगा। जिसमें दस लाख लोगों के हस्ताक्षर कराकर मांग पत्र प्रधानमंत्री को दिया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने इस सम्मेलन में कांग्रेस को भी कटघरें में ला खड़ा किया है।