मोदी सरकार में सामने आया फर्जी डिग्री घोटाला

आईएनएन भारत डेस्क

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के एक केंद्र द्वारा बिना परीक्ष दिये फर्जी तरीके से डिग्रियां बांटने का मामला सामने आया है। बता दें कि यह मामला 2014-15 को है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा ने कठुआ जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के एक केंद्र में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि कोई एक या दो नही इग्नू के इस केंद्र में 4,000 छात्रों को परीक्षा में शामिल हुए बगैर ही फर्जी डिग्रियां बांट दी गईं थी।

अपराध शाखा के एक प्रवक्ता ने बताया कि इग्नू के केंद्र में यह घोटाला तब सामने आया जब पुलिस को सूचना मिली कि प्रशांत भंडारी नाम का व्यक्ति और उसके सहयोगी वर्ष 2014-15 में बिल्लावर कस्बे में स्थापित इस केंद्र में फर्जी तरीके से परीक्षाएं कराने और छात्रों को दाखिला दिलाने में शामिल थे। प्रवक्ता ने कहा कि इस केंद्र में करीब 4,000 छात्रों का दाखिला दिखाया गया है। जबकि अब तक इस केंद्र द्वारा कोई परीक्षा नहीं ली गई। इस केंद्र द्वारा नामांकित छात्रों को परीक्षाओं में शामिल दिखाया गया है और उन्हें डिग्रियां भी जारी की गई हैं। प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र जनवरी और जुलाई में दो प्रवेश सत्र संचालित करता है और जून एवं दिसंबर में दो परीक्षा सत्र संचालित करता है। हर सत्र में 800 से 1200 छात्र प्रवेश लेते हैं।

शुरुआती जांच का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कटरा, किश्तवाड़, चटरू और पड्डर केंद्रों का इस्तेमाल करते हुए इग्नू को फर्जी हाजिरी पुस्तिकाएं और उत्तर-पुस्तिकाएं सौंपी गईं थीं। इस मामले में हर उम्मीदवार से हजारों रुपए वसूले गए। अध्यक्ष एवं एक अज्ञात समन्वयक के नाम पर खोले गए बैंक खातों के जरिए धन की हेराफेरी की गई। भंडारी, उसके सहयोगी भूपेन्द्र गुप्ता और अन्य ने इग्नू के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर शिक्षकों एवं परामर्शदाताओं के मानदेय का भी गबन कर लिया। इस सिलसिले में एक केस दर्ज किया गया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।