दुःशासन बाबू का जंगलराजः किसान राजेन्द्र यादव को जिंदा दफनाया

आईएनएन भारत डेस्क

देश का गोदी मीड़िया रोज अपने ब्राह्मणवादी रंगों को जाहिर कर रहा है, बिहार में कानून व्यवस्था बदहाल है और चारो तरफ अराजकता का माहौल है फिर भी अब देश का ब्राह्मणवादी मीड़िया इसमें कोई जंगलराज नही देख रहा है। ना प्रिंट मीड़िया के पत्रकार और ना ही इलेक्ट्रोनिक्स चैनलों के ऐंकर इस जंगलराज पर चीख रहे हैं, मातम मना रहे हैं, सब खामोश हैं मानों चारों तरफ शान्ति है, चैन और अमन है। परंतु सुशासन बाबू से दुःशासन बाबू होने की राह पर चल रहे नीतीश राज में जमीनी हालात गोदी मीड़िया की शान्ति से उलट हैं, जुदा हैं। मंगलवार की रात में तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के गंगा बिगहा-मठियार गांव में बालू के धंधेबाजों ने किसान को जिंदा दफन कर मार डाला। .

मंगलवार की रात दबंगों ने 52 वर्षीय राजेन्द्र यादव को पोकलेन मशीन से खींचकर गड्ढे में डाल दिया और ऊपर से बालू भर दिया। उनका पुत्र संजय यादव किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा। जबतक ग्रामीणों को इस बात की खबर लगती, शव को इलाज कराने के बहाने वहां से लेकर भाग गये। संजय ने चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है।.

मृतक राजेन्द्र यादव के पुत्र संजय ने बताया कि दो बजे रात को मशीन चलने की आवाज सुनकर उनकी नींद टूट गयी। पिता जी के साथ मामला समझने के लिए खेत पर गये। वहां देखा कि कुछ लोग उनके खेत से पोकलेन मशीन की सहायता से बालू का खनन कर रहे हैं। उसने बालू निकालने से मना किया तो दबंगों ने कहा कि बालू निकालेंगे और रुपये भी नहीं देंगे। यह सुनकर उन्हें रोकने के लिए पिता जी आगे बढ़े। तभी वहां खड़े बिट्टू, श्याम बिंद व पिंटू प्रसाद ने मशीन चालक अनिल प्रसाद से कहा कि देखते क्या इसके गड्ढे में दफन कर दो।

इतना सुनते ही मशीन चालक ने पिता जी को चोंगे से खींच लिया और गड्ढे में फेंक दिया। संजय को भी मशीन से खींचने की कोशिश की तो वह भाग निकला। शोर मचाते हुये गांव की ओर गया तो ग्रामीण दौड़े और घटनास्थल की ओर आये। जबतक लोग आते तबतक आरोपितों ने उनके पिता को गड्ढे से निकाल लिया और जिंदा बताकर इलाज के लिए ले जाने की बात कही। संजय ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने पुलिस की सहायता से शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। संजय ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद दबंगों व पुलिस के खिलाफ सड़क जाम करेंगे।.

मृतक राजेन्द्र यादव के पुत्र संजय ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। देखें दुःशासन बाबू की पुलिस इस पूरे मामले पर क्या लीपापोती करती है।