यूपी में योगी राज या भगवा जंगलराज, एक बेगुनाह पर फिर भगवा आतंकी हमला

आईएनएन भारत डेस्क
योगी राज में यूपी भगवा आतंक की शरणस्थली बनता जा रहा है। हर मोर्चें पर विफल हो चुकी सरकार और हरेक उप चुनाव में हारते योगी के पास टिके रहने के लिए अब सांप्रदायिक उन्माद और भगवा आतंक के अलावा कोई रास्ता नही बचा रह गया है। यह भगवा आतंक जहां हिंदू अगड़ों के कुछ हिस्सों का सांप्रदायिक तुष्टीकरण कर रहा है तो वहीं सांप्रदायिक और उन्मादी जमातों को योगी राज के पक्ष में खड़ा रखने में एक औजार का काम कर रहा है तो वहीं यह भगवा आतंक अल्पसंख्यकों से लेकर दलितों तक सभी को अपने निशाने पर ले रहा है।

इसका ताजा शिकार फिर एक मुस्लिम अल्पसंख्यक हुआ है। पिलखुआ के 62 वर्षीय बुजुर्ग समयदीन गौआतंक का शिकार होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और उनकी 100 साल की बूढ़ी मां इस दुर्दिन को देखकर गमजदा हैं, लाचार हैं।

क्या 100 साल तक बूढ़ी मां अपने बेटे को इसी हालत में देखने के लिए अभी तक जिंदा है? पिलखुआ में कल गौआतंकियों ने कासिम और समयदीन पर हमला कर दिया था जिसमें कासिम की मौत हो गई और समयदीन अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहें हैं।

समयदीन की उम्र 62 साल है, जब गौ आतंकियों ने कासिम पर हमला किया तब वह अपने खेत में भूसे का काम रहें थें। वह इस नजारे को देखकर डर के मारे भागने लगे और गौआतंकियो ने उन्हें भी पकड़ कर बुरी तरह पीटा। पीट पीट कर उन्हें अधमरा कर दिया। अभी वह अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहे है क्योंकि अधिक वृद्ध होने के कारण उन वहशी आतंकियों से लड़ भी नही सकते थे।

समयदीन के परिवार में उनकी 100 साल की बुढ़ी मां के अलावा 5 बेटियां और दो बेटे है। बेटियों की शादी की उम्र हो चली हैं और वह अभी तक अविवाहित ही है और उनाक बाप जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। समयदीन का गुनाह सिर्फ एक खास मजहब में पैदा होना और एक आम आदमी होना ही है। जिसकी सजा उन्हें बगैर किसी गुनाह के भुगतनी पड़ रही है।