भगवा आतंक का असली चेहराः गौरी लंकेश के बाद गिरीश कर्नाड थे भगवा आतंकियों की हिटलिस्ट में

आईएनएन भारत डेस्क
भगवा आतंकवाद का असली चेहरा अब धीरे धीरे साफ होता जा रहा है और इसके साथ यह भी साफ हो रहा है कि भाजपा शासित राज्यों में भगवा आतंकवाद द्वारा की गई हत्यायें क्यों अनसुलझी रह रही हैं। यदि कर्नाटक में भाजपा सरकार होती तो संभवत गौरी लंकेश की हत्या का मामला भी अनसुलझा ही रह सकता था। क्योंकि एसआईटी की जांच में सामने आ रहे भगवा आतंकी गिरोह की जड़े बहुत गहरे तक भगवा राजनीति से जुड़ी हुई हैं।

स्पेशल जांच टीम जिसने गौरी लंकेश मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, उसने शुक्रवार को दावा किया कि इन हत्यारों की हिटलिस्ट में और भी लोगों के नाम थे जिनमें से एक देश के जाने माने फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और लेखक और रंगकर्मी गिरीश कर्नाड का नाम भी था। बताया जाता है कि कर्नाड और प्रो. भगवान की अंतिम निगरानी भी इन लोगों ने पूरी कर ली थी। कर्नाड के अलावा इनकी हिटलिस्ट में पूर्व मंत्री एवं लेखक बी टी ललित नायक, तर्कशास्त्री सी एस द्वारकानाथ, पी वीरभद्र और प्रो. के एस भगवान के नाम प्रमुख हैं। एसआईटी का दावा है कि भगवा आतंकी गिरोह के एक सदस्य सुजीत कुमार उर्फ प्रवीण के घर से बरामद एक डायरी में यह हिटलिस्ट मिली है।

गौरी लंकेश हत्या मामले की जांच में एक बात यह भी सामने आयी है कि जिस हथियार से गौरी लंकेश का कत्ल किया गया था ठीक उसी हथियार से कामरेड गोविन्द पानसरे और प्रो. एम एम कलबुर्गी का भी कत्ल किया गया था। जांच दल का दावा है कि फोरेंसिक जांच में इस तथ्य की पुष्टि हुई है कि यह तीनों कत्ल एक ही हथियार से किये गये थे।

गौरी लंकेश हत्या मामले में गिरफ्तार छठे आरोपी परशुराम वाघमारे ने कबूल किया कि वह उन लोगों में से एक है जिसने गौरी लंकेश को मारने के लिए गोली चलाई थी। वाघमारे की तस्वीर श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक के साथ सोशल मीड़िया पर वायरल हो रही है और चर्चा थी कि वह श्रीराम सेना का सदस्य है। परंतु इसके बाद प्रमोद मुतालिक ने वाघमारे से किनारा कर लिया और यहां तक कह दिया कि वाघमारे उनके संगठन के किसी पद पर नही है और उसका संबंध आरएसएस से है।
हालांकि एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि वाघमारे ने अपने इकबालिया बयान में कहा कि उसे धर्म को बचाने के लिए गौरी लंकेश को मारने के लिए कहा गया था और उसने अपने धर्म की रक्षा के लिए ही ऐसा किया था। वहीं सोशल मीड़िया पर वाघमारे के साथ वायरल हो रहे अपने फोटो पर प्रमोद मुतालिक ने कहा कि उसे याद नही कि उसके साथ कौन कौन तस्वीरे लेता है। वह हर किसी को याद भी नही रखता है।

एक तरफ जहां प्रमोद मुतालिक वाघमारे से दूरी बना रहा है तो वहीं श्रीराम सेना ने गिरफ्तार किय गये वाघमारे के परिवार की सहायता के लिए फंड एकत्र करने का आॅनलाइन अभियान भी शुरू कर दिया है। जिसके लिए श्रीराम सेना का महिला मोर्चा और युवा मोर्चा खासा सक्रिय है। युवा मोर्चे ने तो एक तरह की धमकी देते हुए यह भी कहा है कि हिंदुत्व विरोधियों को मारने के लिए हर घर में ऐसा एक वाघमारे पैदा हो जायेगा।

एसआईटी का दावा है कि ऐसी हत्याओं को अंजाम देने के लिए अभी तक जो ज्ञात हुआ है उसके अनुसार यह 60 लागों का एक हत्यारा गिरोह है। जिसमें विभिन्न भगवा गिरोहों से भर्ती की गई है जैसे महाराष्ट से हिंदू जागृति समिति और सनातन संस्था और अन्य राज्यों से दूसरे संगठन। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस हत्यारे गिरोह का अभी तक कोई नाम नही है और यह देश के पांच राज्यों में सक्रिय है। जिसमें से महाराष्ट, गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और गुजरात शामिल है। कर्नाटक में इस गिरोह में भर्ती की जिम्मेदारी सुजीत कुमार उर्फ प्रवीण की थी। अभी तक गिरफ्तार छह लोगों में के टी नवीन कुमार, सुजीत कुमार, अमोल काले, मनोहर एडवे, अमित देगवेकर और परशुराम वाघमारे शामिल हैं।