दिल्ली सरकार के समर्थन में उतरे चार मुख्यमंत्री, केजरीवाल के परिवार से मिले

आईएनएन भारत डेस्क
छह दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के चार मंत्री उपराज्यपाल कार्यालय में धरने और भूख हडताल पर टिके हैं। धरने पर टिके मंत्रियों से मिलने के लिए कईं नेता और केजरीवाल के परिवार के लोग पहुंचे परंतु उन्हें मिलने नही दिया गया। उपराज्यपाल इस पूरे मामले को जिस संवेदनहीन तरीके से डील कर रहे हैं उससे कईं तरह के सवाल उनकी कार्यप्रणाली और केन्द्र सरकार की नीयत पर उठने लगे हैं। इसके अलावा जिस प्रकार दिल्ली भाजपा के मंत्री धरने पर बैठे चार मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा खोलकर मैदान में उतर गये हैं तो यह घटना भी आप सरकार और केजरीवाल के आरापों को बल देती है कि उप राज्यपाल मौजूदा कार्यप्रणाली और प्रशासनिक अधिकारियों का आप सरकार के प्रति रवैये के पीछे भाजपा ही है। इसी कारण से दिल्ली भाजपा अचानक उप राज्यपाल और दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारियों का इस प्रकार बचाव कर रही है कि मानों वे दिल्ली के सत्ताधारी हैं और आम आदमी पार्टी दिल्ली का विपक्ष है। दिल्ली भाजपा की इस प्रकरण में भूूमिका भाजपा के उपर कईं तरह के सवालिया निशान छोड़ रही है।

छह दिनों तक पूरे मामले को निपटता नही देखकर दिल्ली में 17 जून को होने वाली बैठक में भाग लेने आये चार राज्यों के मुख्यमंत्री आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप सरकार के पक्ष में खुलकर उतर आये और उन्होंने पूरे मामले में प्रधानमंत्री को दखल करने और इस मामले को सुलझवाने का आग्रह किया है।

दरअसल, नीति आयोग की बैठक में भाग लेने पहुंचे केरल के मुख्यमंत्री पिन्नरई विजयन, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारास्वामी और आंध्र के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने पहले उप राज्यपाल से अरविंद केजीवाल से मिलने का समय मांगा और वो समय नही मिलने पर उन्होंने उप राज्यपाल से भी इस मामले में मिलने का समय मांगा परंतु उप राज्यपाल ने ना तो आप सरकार के चारो मंत्रियों से मिलने का समय दिया ना ही उन्होंने स्वयं से मिलने का समय चारो मुख्यमंत्रियों को दिया। उसके बाद चारो मुख्यमंत्रियों ने आंध्र भवन में एक मीटिंग की और अरविंद केजरीवाल के परिवार से उनके आवास पर मिलने का निर्णय लिया।

तदुपरांत, चारो मुख्यमंत्री दिल्ली के सीएम के आवास पर पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की। इस तरह की भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कल केजरीवाल भी नीति आयोग की मीटिंग में भाग लेने के लिए एलजी हाउस से निकल सकते हैं परंतु यहां सवाल यह है कि उसके बाद क्या उप राज्यपाल उन्हें फिर से धरने में शामिल होने के लिए एलजी हाउस में वापस आने देंगे। वैसे बता दें कि आप सरकार के मंत्रियों का धरना शुरू होने के बाद से ही दिल्ली के उप राज्यपाल अपने आवास से ही अपना कार्यालय चला रहे हैं वहीं दिल्ली पुलिस से लेकर, डीडीए के अधिकारियों के साथ भी मीटिंगे कर रहे हैं।