मंदसौर किसान रैलीः किसानों में दहशत पैदा करने के लिए शिवराज सरकार ने भरवाये बाॅण्ड

आईएनएन भारत डेस्क
पिछले साल 6 जून को मंदसौर जिले में 6 किसान पुलिस की गोली से मारे गए थे। उसी किसान आंदोलन की याद में मंदसौर में एक विशाल किसान रैली का आयोजन किया गया था। 1 से 10 जून तक चलने वाले किसान आंदोलन और किसान रैली के कारण शिवराज सिंह सरकार बुरी तरह बैफुट पर आ गयी है। इसी कारण से रैली से पहले ही रैली को विफल बनाने और किसानों को रैली में जाने से रोकने के लिए सरकार द्वारा कईं तरह के हथकण्ड़ों का उपयोग किया गया था।

मंदसौर और उसके आसपास के जिलों में इस वजह से खास सतर्कता बरती जा रही थी। जानकारी के मुताबिक मंदसौर और नीमच जिलों में पुलिस ने सी आर पी सी की धारा 107-16 के तहत प्रतिबंधात्मक बॉन्ड किसानों से भरवाए गए हैं। सूत्रों की माने तो मध्यप्रदेश के इस इलाके में करीब 25000 किसानों से पुलिस ने गांव-गांव जाकर बॉन्ड भरवाए हैं। इस बाॅण्ड भरवाने की मुहिम में पुलिस ने 80 साल के बूढ़े और बीमार किसानों को भी नही बख्शा है।

पिछले एक महीने से इन जिलों में किसानों को आंदोलन में शामिल न होने के लिए सरकारी कर्मचारी समझाने के साथ धमकी भी देते रहे हैं। किसानों में दहशत भरने की नीयत से ही रैली से एक सप्ताह पहले से ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

इससे पहले मंदसौर गोलीकांड में मारे गए अभिषेक पाटीदार के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को एसडीएम ने फोन कर राहुल गांधी की सभा में जाने से रोका है।

मंदसौर-नीमच में आंदोलन से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को आंसू गैस के गोले फेंकने और लाठीचार्ज करने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। किसान नेताओं ने शिवराज सरकार पर किसानों का दमन करने के आरोप लगाये हैं। वहीं, इलाके के किसानों में नाराजगी की खबरें से सरकार तत्काल बैकफुट पर आ गई। प्रदेश के गृहमंत्री ने तत्काल सफाई दी कि सरकार ने बॉन्ड भराने का आदेश नहीं दिया है। और उसके बावजूद भी बाॅण्ड भरवाये गये।

सरकार के गृहमंत्री जहां कह रहे हैं कि सरकार ने बाॅण्ड भरवाने का आदेश नही दिया वहीं वहीं नीमच और मंदसौर के कलेक्टरों का कहना है कि उन्होंने एहतियातन बॉन्ड भरवाए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ऐसा पहले भी किया जाता रहा है। हमेशा लोगों से बॉन्ड भरवाया जाता है। किसानों के मामले में सरकार की बेचैनी किसान आंदोलन को कांग्रेस के समर्थन को लेकर भी है।

अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार आंदोलन को ध्यान में रखते हुए किसानों से बॉन्ड तक भरवा रही है कि वे आंदोलन में किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करेंगे. राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ी थी, और इस बार ऐसा न हो, इसलिए कुछ लोगों से बांड भरवाए जा रहे हैं।