रूक नही रहा है सीमा पर फायरिंग और जवानों की लगातार हत्याओं का सिलसिला

आईएनएन भारत डेस्क
देश के मौजूदा प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी ने 2014 के अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सीमा पर से फायरिंग और जवानों की हत्याओं पर जमकर राजनीति की थी और अपने बड़े बड़े वादों में उन हत्याओं का बदला लेने और दुश्मन को माकूल जवाब देने की बातें भी की थी। देश की जनता और शहीद जवानों के परिवारों को याद है कि भाजपा के तमाम नेताओं ने शहीद हेमराज के घर पर जाकर उनके सर को वापस लाने और एक के बदले दस सिर लाने जैसी उकसावे वाली बातें देश के सामने की थी।

नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बने चार साल से ज्यादा हो चुके हैं एक के बदले दस सिर तो छोड़िये भारतीय जवानों के सिरों के गिरने और सीमा पर मारे जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कल ही सीमा पर फायरिंग में फिर से दो जवान शहीद हो गये हैं। अखनूर सेक्टर में कल रात 1 बजे के लगभग पाकिस्तान की तरफ से बेवजह गोलीबारी हुई जिसमें बीएसएफ के दो जवानों सत्य नारायण यादव और विजय कुमार पाण्डे बुरी तरह घायल हो गये जिनकी बाद में अस्पताल में मृत्यु हो गयी। उनके अलावा 13 स्थानीय नागरिक भी इस गोलीबारी में घायल हुए हैं।

शहीद सत्य नारायण यादव

यदि सीमापार गोलीबारी की घटना को देखा जाये तो इस साल में 1100 बार के लगभग पाकिस्तान की तरफ से इस प्रकार की हरकत की जा चुकी है और भारत में पाकिस्तान विरोध की राजनीति करने वाली भाजपा बयानबाजी के अलावा कुछ भी कर पाने में नाकाम है। हर मौत पर कड़ा जवाब देने की जुमलेबाजी से अब देश की जनता आजिज आ चुकी है। नेता या तो मीड़िया मे बयान देते है या ट्विट करते रहते हैं।

शहीद विजय कुमार पाण्डे

बता दें कि हाल ही में 29 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने 2003 के संघर्ष विरोम की तर्ज पर संघर्ष विरोम की इच्छा जाहिर की थी और उसके बाद फिर से यह गोलीबारी पाकिस्तान की तरफ से हो गयी है।

गोलीबारी में केवल जवान ही शहीद नही हो रहे हैं बल्कि 2014 के बाद से भारी संख्या में गोलीबारी के डर से सीमा पर बसे नागरिकों ने पलायन किया है। अखनूर सेक्टर में इस बेवजह गोलीबारी से फिर सीमा पर बसे लोगों में दहशत और खौफ का माहौल है।