मलेशिया में भी हुआ मोदी का विरोध, तमिलों, दलितों और अल्पसंख्यकों पर संघी हमले बने मुद्दा

आईएनएन भारत डेस्क

मलेशिया के फेडरेल प्रशासन के केन्द्र पुत्राज्य में 45 गैर सरकारी संगठनों ने मिलकर मोदी की आधिकारिक मलेशिया यात्रा का कड़ा विरोध किया। मोदी बृहस्पतिवार को पुत्राज्य पहुंचे थे, तभी उनकी यात्रा का कईं गैर सरकारी संगठनों ने विरोध किया।

विरोध प्रदर्शन करने वालों ने तमिलों, दलितों, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित तबकों पर संघी हमले का कड़ा विरोध किया और मोदी पर हिंदुत्व थोपने के लिए ऐसे संगठनों को सहारा देने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों में अधिकतर लोग हाथों में प्लेकार्ड थामें हुए थे जिन पर “मोदी आतंकवादी है” और ‘‘मोदी गो होम‘‘ अर्थात मोदी अपने घर जाओ के नारे लिखे थे और इसमें अनेकों मुस्लिमों की लिंचिंग और अन्य समुदायों पर हमले की कड़ी निन्दा की गई थी।

इन प्रदर्शनकारियों की तरफ से बोलते हुए गैर सरकारी संगठनों के प्रवक्ता बजीर अहमद इब्राहिम ने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद उनके ज्ञापन का आवश्यक संज्ञान लेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत में नीची जाति और अल्पसंख्यक समूहों जैसे मुस्लिमों, ईसाईयों और बौद्धों पर आरएसएस की तरफ से निरंतर हमले किये जा रहे हैं और इन समुदायों को संघ निशाना बनाकर इनका उत्पीड़न कर रहा है। आरएसएस जो कि मोदी और उनकी पार्टी का मातृ संगठन है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन जघन्य हमलों और लगातार जारी उत्पीड़न के उपर प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद अवश्य अपना विरोध व्यक्त करेंगे। उन्हें देश ने दूसरी बार प्रधानमंत्री चुना है और वह हमारे द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को दिये गये ज्ञापन का संज्ञान लेकर मोदी के सामने यह सवाल अवश्य उठायेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर मलेशियावासी जानते ही नही हैं कि वहां क्या हो रहा है। हम भारतीयों को मालूम है कि हमारे देश में कैसे मुस्लिमों और कमजोर तबकों को दबाया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है। यह सब नही होना चाहिए विशेषकर नीचे तबकों से संबंध रखने वाले कमजोर लोगों के साथ, जिन्हें हर स्तर पर हाशिये पर धकेला जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत में ऐतिहासिक रूप से एक जातीय ढ़ांचा है जिसमें भेदभाव होने के बावजूद और देश में गैर कानूनी माना जाने के बावजूद भी इसे संघ द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों के इस समूह ने प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद का एक ज्ञापन भी इस बारे में दिया और उनसे अपील की कि इस संदेश और विरोध को मोदी पहुंचा दिया जाये।