विदेश में भी उठे ईवीएम पर सवाल, ईवीएम में टेंपरिंग बना राजनीतिक मुद्दा

आईएनएन भारत डेस्क
अभी तक जो सवाल ईवीएम पर भारत के विपक्षी दल उठा रहे थे अब उन्हीं सवालों की गूंज विदेशों में भी सुनाई देने लगी है। अफ्रीकी देश बोत्सवाना की शासक पार्टी बोत्सवाना डेमोक्रेटिक पार्टी जहां देश में 2019 में होने वाले आगामी चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल करना चाहती है तो वहीं विपक्षी दलो का गठबंधन यूडीसी अर्थात अम्ब्रेला फार डेमोक्रेटिक चेंज शासक दल के इस निर्णय का जमकर विरोध कर रहा है।

बीडीपी अर्थात बोत्सवाना जनवादी पार्टी ने ईवीएम के इस्तेमाल के लिए संविधान में संशोधन भी किया तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी बोत्सवाना कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में विपक्ष इसके खिलाफ अदालत का रूख करने की प्रक्रिया में है।

बोत्सवाना कांग्रेस पार्टी और गठबंधन में उनके सहयोगी बोत्सवाना नेशनल फ्रंट ने अपने फ्रेंसिसटाउन और केग में आयोजित सम्मेलन में साफतौर पर ईवीएम के इस्तेमाल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने ईवीएम को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईवीएम मशीन का सवाल ही नही उठता है। उनके वकील अध्यक्ष डूमा बाको ने कहा कि वीवीपैट हो या नही ईवीएम का सवाल ही नही उठता है।

वहीं शासक पार्टी भारत की भाजपा की तरह ईवीएम के इस्तेमाल पर अड़ी हुई है। भारत की तरह ही बोत्सवाना में भी उनके स्वतंत्र चुनाव आयोग से ज्यादा बोत्सवाना के शासक दल के नेता मैदान में उतरकर ईवीएम मशीन को चुनावों में इस्तेमाल करने पर उतारू हैं।

शासक दल बीडीपी के महासचिव मफो बालोपी ने कहा कि पार्टी की चुनाव कांग्रेस ने निर्णय कर लिया है कि ईवीएम से चुनाव होंगे अब स्वतंत्र चुनाव आयोग का काम है कि इसे कैसे लागू करे।

अधिक दबाव बनते देखकर बीडीपी के महासचिव ने पूरा मामला अब चुनाव आयोग पर स्थानांतरित करते हुए मीड़िया को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्वतंत्र चुनाव आयोग को तय करना है कि वह ईवीएम का उपयाोग करे या बैलट पेपर का उपयोग करे अथवा दोनों का उपयोग करे।

बीडीपी और चुनाव आयोग ने मिलकर ईवीएम के इस्तेमाल का फैसला लिया है। उधर बोत्सवाना की जनता भी सवाल उठा रही है कि बीडीपी और चुनाव आयोग ने सब कुछ तय कर लिया परंतु मतदाताओं को इस निर्णय से अलग ही रखा गया है।

कुछ भी हो बोत्सवाना में ईवीएम को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है और दावा किया जा रहा है कि सत्ताधारी दल चुनावों में जोड़तोड़ के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है और ईवीएम को टेंपर किया जा सकता है यहां तक वीवीपैट के बाद भी इसे टेंपर किया जा सकता है क्योंकि वीवीपैट केवल वोट ठीक से कास्ट होने को ही दिखाता है। बोत्सवाना के विपक्षी दल इस सवाल पर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रहा है।