विरोधियों से लेकर सहयोगियों तक सभी ने भाजपा पर लगाये इवीएम में छेड़छाड़ के आरोप

आईएनएन भारत डेस्क

कैराना लोकसभा उप चुनाव में इवीएम की खराबी के मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कैराना उपचुनाव में खराब इवीएम को लेकर चुनाव आयोग को आरएलडी की उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने एक पत्र लिखा और बाद में मीड़िया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि मुझे कई जगहों से मशीन खराबी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। रालोद उम्मीदवार ने कहा कि यह उन्होंने सोचा भी नहीं था कि रमजान में इतनी बड़ी तादाद में लोग वोट डालने आएंगे। उनकी पहली रणनीति थी कि उपचुनाव रमजान के महीने में करवाए जाएं जिससे लोग मुझे अपना वोट न डाल पाएं।

कैराना संसदीय क्षेत्र से आरएलडी की उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने अपना वोट डालने के बाद कहा कि इवीएम से हर जगह छेड़छाड़ की गई है। मुस्लिम बहुल इलाकों में खराब इवीएम मशीनों को बदला नहीं गया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वो अगर समझते हैं कि इस तरह से चुनाव जीत जाएंगे तो ऐसा नहीं होने वाला है।

कैराना उपचुनाव को लेकर कईं तरह के विवाद खडे हो गये हैं। कुछ टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ बूथों पर खड़े मुस्लिम मतदाताओं को अब तक वोट नहीं डालने दिया गया है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करते यहां कतार में खड़े दो घंटे से अधिक बीत चुके हैं।

चुनाव मैदान में खड़ी तबस्सुम हसन को समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के अलावा अधिकतर सभी विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी के जेल में बंद प्रमुख नेता चन्द्रशेखर ने भी रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन को अपना समर्थन दिया है।

वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चैधरी ने आरोप लगाते हुए बताया कि रिपोर्ट है कि नूरपुर में 140 इवीएम खराब हैं। जिसकी वजह इनके साथ छेड़छाड़ किया जाना बताया जा रहा है। कैराना में भी ऐसी ही रिपोर्ट है। भाजपा गोरखपुर-फूलपुर में हुई अपनी हार का बदला लेना चाहती है, इसीलिए वो हमें किसी भी कीमत पर यहां हराना चाहती है।

कैराना में इवीएम-वीवीपैट खराब होने पर अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर कहा है कि 175 बूथों पर इवीएम-वीवीपैट मशीन खराब हैं। चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा की सबसे पुरानी और सबसे निकट सहयोगी शिवसेना ने भी इसी प्रकार के आरोप भाजपा पर लगाये हैं। पालघर उपचुनाव के मद्देनजर शिवसेना ने अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा इवीएम के साथ छेड़छाड़ कर रही है। अब हम भाजपा के साथ जाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। इसके अलावा शिवसेना ने भाजपा पर पैसे बांटने का आरोप भी लगाया है।