गुजरात का विकास माॅडलः बारिश के लिए यज्ञ करायेगी गुजरात सरकार

आईएनएन भारत डेस्क
दुनिया के कईं विकसित देश जब वैज्ञानिक तरीकों से कृत्रिम बारिश कराने अथवा रोकने की आंशिक क्षमता हासिल कर चुके हैं तो ऐसे समय में लगातार विकास का जाप कर लोगों को बरगलाने वाली भाजपा ने अपनी पोंगापंथी और सांप्रदायिक पिछड़ेपन का एक और नमूना पेश कर दिया है। गुजरात से खबर आ रही है कि गुजरात की तथाकथित विकासवादी सरकार अब बारिश करने के लिए यज्ञ करवायेगी।

यह सच है कि गुजरात में इन दिनों पानी के संकट से जूझ रहा है। राज्य के जल संसाधन सूख रहे हैं, औसत बारिश में कमी आयी है। लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए जरूरी पर्यावरण को दुरूस्त करने के इंतजाम करने के बजाय दैवीय उम्मीद का सहारा ले रही है। गुजरात सरकार की कैबिनेट जल संकट से निपटने के लिए बुलाई गई और जल संकट से निपटने के लिए फैसला किया गया कि सरकार राज्य के सभी जिलों में कुल मिलकार 41 यज्ञ करायेगी।

एक प्रख्यात अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, 31 मई से 33 जिलों में 41 पर्जन्य यज्ञ करवाने का फैसला गुजरात सरकार ने किया है। इसके अलावा 8 प्रमुख शहरों में वर्षा के देवता इंद्र देव और पानी के देवता वरुणदेव को खुश करने के लिए भी यज्ञ का आयोजन होगा।

हर घटना हर विपदा में भगवा रंग चढ़ाने वाली भाजपा और संघ का एक यह रंग भी देखिये कि गुजरात सरकार एक महीने से सुजलाम सुफलाम जल अभियान चला रही है। जिसका समापन इन यज्ञों से किया जायेगा। इस अभियान के जरिए वैसे तो सिल्ट हटाने और नदियों, झीलों, तालाबों, नहरों और जल निकायों को आने वाले मानसून सीजन के मद्देनजर गहरा किया जायेगा। परंतु सबसे चैंकाने वाला पोंगापंथी कदम अभियान के समापन पर यज्ञ करवाने का फैसला है।

यज्ञ करवाने के बारे में गुजरात सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया था और अब इसे लागू करने की कवायद भी बताते हैं सरकार ने तेज कर दी है।

यज्ञ के कार्यक्रम की सूचना देते हुए उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि सरकार ने अच्छी बारिश के लिए 31 मई को यज्ञ का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह यज्ञ पूरे गुजरात में 41 जगहों पर होंगे और यज्ञ समाप्त होने के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। मैं और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, राज्य के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी यज्ञों में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यज्ञों के बाद जनसभाएं भी की जायेंगी।