वेदांता-स्टरलाईट ने किया पीने का पानी प्रदूषित, विरोध करने वालों पर पुलिस का हमला दो मरे

आईएनएन भारत डेस्क
वेदांता-स्टरलाईट के प्लांट द्वारा फैलाये गये प्रदूषण और तूतीकोरीन के पेयजल को बर्बाद करने के खिलाफ हुए प्रदर्शन में पुलिस के हमले में दो लोगों की मौत हो गयी और छह से अघिक घायल हो गये। तमिलनाडु में पिछले कई महीनों से स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। ये लोग वेदांता के स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की डिमांड कर रहे हैं। मंगलवार को इस विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के हमले में छह लोग घायल हुए हैं और दो लोगों की मौत हुई है।

केन्द्र सरकार और भगवा राजनीति के करीब मानी जाने वाली कंपनी वेदांता-स्टरलाईट के पक्ष में पुलिस द्वारा स्थानीय प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के बाद भी तमिलनाडु के डीजीपी लोगों को चिंता नही करने और जांच की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार तूतीकोरीन के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम कोशिश कर रहे हैं कि हालात पर काबू पाया जा सके। फायरिंग की वजह से अगर किसी की मौत हुई है तो हम जांच करेंगे।

प्रदर्शनकारियों को जब स्टरलाइट प्लांट की तरफ जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और विरोधस्वरूप पथराव करने की खबरे भी आ रही हैं। वेदांता-स्टरलाईट के केन्द्र और राज्य सरकार की मिलीभगत के विरोध में प्रदर्शनकारी कलेक्टर ऑफिस का घेराव करने की कोशिश कर रहे थे।

भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इससे कलेक्टर ऑफिस के अहाते में खड़ी गाड़ियों में गुस्साई भीड़ ने आग लगा दी। भीड़ काबू से बाहर होने की वजह से पुलिस ने अतिरिक्त बल का प्रयोग किया। आसपास के जिलों से करीब 2000 से ज्यादा पुलिस बल तूतीकोरीन मंगवाये गये थे। इससे समझा जा सकता है कि पुलिस किस प्रकार इस प्रदर्शन से निपटना चाहती थी।

वेदांता-स्टरलाईट पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के लिए दुनियाभर में कुख्यात कंपनी है। तूतीकोरीन में भी इस कंपनी का एक काॅपर प्लांट है, जिसने प्लांट के आसपास के पूरे इलाके के पानी को प्रदूषित कर दिया है। लोगों के पास पीने के लायक पानी भी नही बचा है। अब इस हालत के बावजूद वेदांता-स्टरलाईट अपने प्लांट का विस्तार कर रही है। स्थानीय लोग पिछले काफी समय से स्टरलाइट प्लांट के विस्तार का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्लांट की वजह से इलाके का पानी दूषित हो गया है। डीएमके ने राज्य सरकार एआईएडीएमके को इसके लिए जिम्मेदार माना है और पार्टी पर कंपनी से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

  • Mansoob ali

    बेहद चिंताजनक और दुःखद