कानपुर में जहरीली शराब पीने से 14 मरे, अखिलेश यादव ने सरकार की विफलता पर उठाये सवाल

आईएनएन भारत डेस्क
कानपुरः यूपी में जनता पर संकट के बादल छंटने का नाम ही नही ले रहे हैं। आदमखोर कुतों के बच्चों के शिकार और उसे रोकने में यूपी प्रशासन की नाकामयाबी के बाद जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस काण्ड़ की निदा करते हुए योगी प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा काण्ड़ बगैर प्रशासनिक मिलीभगत के हो ही नही सकता था। उन्होंने योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक साल से आखिर कर क्या रही है और क्यों हरेक मोर्चे पर विफल हो रही है।

बता दें कि कानपुर में जहरीली शराब पीने से अभी तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। कानपुर नगर में 7 लोगों की मौत हुई है जबकि कानपुर देहात में 7 लोगों की मौत हुई है। जबकि 28 लोगों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

जहरीली शराब से इतनी संख्या में लोगों के मरने के बाद बताया जाता है कि रविवार देर रात ग्रामीणों ने दूल गांव में एक देसी शराब के ठेके को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने जैसे तैसे नाराज ग्रामीणों का गुस्सा शांत कराया लेकिन फिर भी दोनों के बीच झड़प की स्थिति बनी रही। सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित दूल गांव में देशी शराब का ठेका था।

इसी ठेके से जहरीली शराब की बिक्री की गई गई थी। सचेंडी के ग्रामीणों का कहना था कि हमारे गांव में लगातार मौत हो रही हैं। इसकी मुख्य वजह यह ठेका रहा है। जब यह गांव के अन्दर खुल रहा था तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। आज यही ठेका गांव के लिए अभिशाप बन गया है। हम इस ठेके को किसी भी कीमत पर गांव में नहीं रहने देंगे और इसी वजह से इसमें आग लगा दी।

एक तरफ जहां ग्रामीणों द्वारा ठेके में आग लगाये जाने की खबरे आ रही हैं तो दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले पर लीपापोती कर रही है। एसपी ग्रामीण प्रदुमन सिंह के मुताबिक ठेके में आग नहीं लगाई गई थी बल्कि किसी ने जलती हुई सिगरेट फेंकी थी जिसकी वजह से आग लग गई थी। उसे कंट्रोल कर लिया गया था। एक तरफ ग्रामीणों ने जहां नाराजगी में आग लगाने का दावा किया तो पुलिस इसे दुर्घटना बताने पर तुली है।

वहीं एक और कहानी सामने आ रही है जिसके मुताबिक दुकान का सेल्समैन हजारों क्वार्टर शराब में आग लगा कर फरार हो गया है। जिससे जहरीली शराब के सबूत मिटाये जा सकें। पुलिस मौके पर छानबीन करने में जुटी है। शराब दुकान का अनुज्ञापी बैरी शिवली कानपुर देहात निवासी सतीश मिश्रा बताया जा रहा है, जो मौके से फरार है।

पुलिस अधिकारी मीड़िया से बचते नजर आ रहे हैं। कुछ टीवी चैनलों का आरोप है कि पुलिस अधिकारी उनसे बात करने से बच रहे हैं। अजीब बात है, दोनों जिलों में 14 लोगों की मौत हो गई लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं।
मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम से हादसे की जानकारी ली है। सीएम ने शराब से मौत के मामले में भी हमेशा की तरह सभी मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर दिया है।