बहुमत से दूर भाजपा में बैचेनी, कांग्रेस विधायकों से संपर्क नही होने से बौखलायी भाजपा

आईएनएन भारत डेस्क
बेंगलुरूः कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण भाजपा ने सरकार तो बना ली और बीएस येदियुरप्पा आनन फानन में मुख्यमंत्री तो बन बैइक हैं। परंतु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए भाजपा सरकार को राज्यपाल ने जो 15 दिन का समय दिया था सुप्रीम कोर्ट ने उसे बदल दिया है। अब येदियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे तक ही बहुमत सिद्ध करना होगा।

इससे भाजपा मे बैचेनी बढ़ गई है और कांग्रेस और जेडीएस द्वारा अपने विधायकों को भी सुरक्षित रखने की कोशिशों को भी भाजपा डारवनी और अलोकतांत्रिक राजनीति बता रही है। साथ ही कांग्रेस विधायकों से फोन पर संपर्क नही होने पर भाजपा कह रही है कि कांग्रेस हाई कमान के इशारे पर कांग्रेस विधायकों से मोबाइल छीन लिये गये हैं। अब कांग्रेस विधायकों की चिंता में इस कदर परेशान होकर बयानबाजी करना साफ भाजपा की बौखलाहट की तरफ इशारा करता है।

वहीं मीड़िया और आमजन भाजपा के नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों के बयानों क मजाक बनाते हुए पूछ रहा है कि यदि आपके पास बहुमत है तो आपको कांग्रेस के विधायकों से फोन पर बात नही होने और उनके परिवारों से भी संपर्क नही होने की चिंता क्यों सता रही है। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस इतनी डरावनी अलोकतांत्रिक राजनीति कर रही है कि उसने अपने विधायकों से मोबाइल तक भी छीन लिये हैं। अब आपके पास तो बहुमत है आपको क्या जरूरत पड़ी हैं कांग्रेसी विधायकों से संपर्क करने की। अब हर कोई पूछ रहा है आपके पास बहुमत है तो फिर यह बौखलाहट क्यों।

इस पूरे दिलचस्प घटनाक्रम सबके बीच जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों के ”गायब” होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को पहले इगलटन रेजॉर्ट में लाया गया था। परंतु येदियुरप्पा ने खरीद फरोख्त करने की नीयत से उन्हें प्राप्त सुरक्षा हटा ली और कुछ लोग रिजाॅर्ट में दाखिल हो गये। इसके बाद विधायकों को कोचीन ले जाने की खबरे रात को चल और फिर 12 बजे के बाद कहा जाने लगा कि विधायक पुडुचेरी जायेंगे। परंतु आखिर में विधायक हैदराबाद पहुंच गये।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के 78 में से 2 विधायक रेजॉर्ट पहुंचे ही नहीं थे और बाद में तीसरे विधायक के भी रेजॉर्ट से बाहर जाने की खबरें आयी थी। हालांकि कांग्रेस की तरफ से अभी एक विधायक के ही बागी होने की पुष्टि की गई है। कांग्रेस नेता डी गुंडुराव ने दावा कि विजयनगर के कांग्रेस विधायक आनंद सिंह से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। उधर रायचूर के मिस्की से विधायक प्रताप गौंडा के बारे में कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं और पार्टी के साथ हैं। इसके आलावा कांग्रेस और जेडीएस ने भी मैसूर क्षेत्र के कुछ भाजपा विधायकों के संपर्क में होने और साथ आने का दावा कर खलबली मचा दी।

इसके अलावा जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने भी आनंद सिंह के गायब होने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह नरेन्द्र मोदी के चंगुल में है। उनके अनुसार आनंद सिंह के पीछे इंर्फोसमेंट डिपार्टमेंट को लगाकर मोदी ने उसे अपनी तरफ मिला लिया है।

भाजपा कर्नाटक में बहुमत साबित करने से 8 विधायक पीछे है। जेडीएस पहले ही भाजपा पर उसके विधायकों को 100-100 करोड़ रूपये की रिश्वत देने का आरोप लगा चुकी है। ऐसे में कांग्रेस और जेडीएस के सामने बड़ी चुनौती फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों को बचाए रखने की भी है। वहीं, दूसरी ओर बेंगलुरू के एगल्टन रिजॉर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायक खदेर ने कहा कि उनके सभी विधायक पार्टी के संपर्क में हैं और जो दो विधायक रिजॉर्ट नहीं पहुंचे हैं, वे भी पहुंच जाएंगे। खदेर ने कहा कि वह भी मंगलौर से अभी वापस आए हैं। कांगे्रस के जिन दो विधायकों

कर्नाटक विधानसभा पहुंचे कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा कि आनंद सिंह को छोड़कर कांग्रेस के सभी विधायक उनके साथ हैं। उन्होंने दावा किया कि आनंद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ”चंगुल‘‘ में हैं। वहीं दूसरी ओर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि मोदी सरकार केंद्र सरकार के संस्थानों का दुरूपयोग कर रही है। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि वे (भाजपा वाले) विधायकों को धमका रहे हैं।?