तेजस्वी ने भी किया सरकार बनाने का दावा, भाजपा के खिलाफ सड़कों पर संयुक्त संघर्ष को बताया समय की जरूरत

आईएनएन भारत डेस्क
कर्नाटक में नई सरकार को लेकर चल रहे सियासी विवाद के बीच बिहर के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार राज्यपाल के सामने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का मौका दिये जाने का दावा ठोक दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अभी भी 111 का संख्याबल है और फ्लोर टेस्ट के लिए मौका दिये जाने पर वे बहुमत सिद्ध कर देंगे।

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि महागठबंधन के 111 विधायकों के अलावा उन्हें सत्तापक्ष के ऐसे विधायकों का भी समर्थन हासिल है, जो कि जदयू और भाजपा के गठजोड़ से नाशुख हैं। इस सिलसिले में बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ शुक्रवार को राज्यपाल से मिलकर कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में सबसे बड़ा दल होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया।

आरजेडी के नेता तेजस्वी ने भाजपा को संविधान के तहत सरकार चलाने की नसीहत दी है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी ने कहा, हमारे साथ कुल 111 विधायक हैं और कुछ जेडीयू से नाखुश विधायक भी हमारे संपर्क में हैं। हमारी पार्टी या गठबंधन में ऐसे विधायक नहीं हैं जो नीतीश कुमार की तरह यू-टर्न लेते हों।

तेजस्वी ने शुक्रवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा कि देश संविधान के आधार पर दिल्ली से चलना चाहिए, न कि संघ के नागपुर मुख्यालय से। चलो लोकतंत्र बचाने के लिए सड़कों पर उतरें।

ध्यान रहे कि कल भी तेजस्वी ने अपने लडाकू और जुझारू तेवर दिखाते हुए सभी विपक्षी दलों का आहवान करते हुए कहा था कि अब सड़क पर उतरने का समय है और भाजपा की इस लोकतंत्र विरोधी मुहिम को सभी विपक्षी नेताओं को बैंगलुरू पहुंचकर सड़कांे पर उतरकर जवाब देना चाहिए। वास्तव में तेजस्वी का कहना ठीक है कि अब भाजपा के फासीवादी मंसूबों के खिलाफ सड़कों पर जनांदोलन करने का समय है और सभी विपक्षी नेताओं को संयुक्त रूप से इसका विरोध करना चाहिए।

इसके अलावा तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, गोवा, मणिपुर, मेघालय, बिहार और अब कर्नाटक में हुए सत्तालोलुप नाटक को पचा जाना न राष्ट्र के लिए उचित है और ना लोकतंत्र व नागरिकों के लिए। बार-बार किए जा रहे अन्याय के विरुद्ध न्याय बहाल होने तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाना चाहिए।