कर्नाटक में खरीद फरोख्त पर उतरी भाजपा, 100-100 करोड़ और मंत्री पद की पेशकश

आईएनएन भारत डेस्क
कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति ने एकबार फिर से भाजपा की नैतिकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त पर उतर आयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से विधायकों को मंत्री बनाने का भी लालच दिया जा रहा है। हम नहीं चाहते खरीद-फरोख्त हो। केंद्र सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रहा है।

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि विधायकों को 100-100 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है। ये कालाधन कहां से आ रहा है? इनकम टैक्स के अधिकारी कहां हैं?

वहीं दूसरी तरफ कुछ समाचार चैनलों के अनुसार कांग्रेस के तीन विधायकों से भाजपा ने पाला बदलने के लिए संपर्क साधा था। इन विधायकों के लिए कहा गया था कि ये जेडीएस के साथ गठबंधन से खुश नहीं हैं। हालांकि कांग्रेस ने सभी विधायकों के एकजुट होने का दावा करते हुए कहा कि वे उन सभी को जल्द ही रिसॉर्ट भेज रहे हैं। उधर जेडीएस से जुड़े सूत्रों ने भी कहा कि अगर राज्यपाल ने जल्द ही उनकी गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया तो उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। इसके साथ ही वह अपने सभी विधायकों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की सोच रहे हैं।

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा है कि हम कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार हैं और अगर राज्यपाल ने बीजेपी को बुलाया तो हम कोर्ट का रुख करेंगे।

वहीं एक अन्य घटनाक्रम में बेंगलुरु में हुई जेडीएस की बैठक में एचडी कुमारस्वामी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। दूसर तरफ कांग्रेस के 78 में से 68 विधायक ही पार्टी के ऑफिस में विधायकों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। कांग्रेस का कहना है कि कुछ लोग दूर से आ रहे हैं इसीलिए उन्हें आने में देर हुई है। वैसे सभी विधायक पार्टी के साथ हैं।

दूसरी तरफ सूत्रों के मुताबिक, येदियुरप्पा गुरुवार को सीएम पद की शपथ लेंगे। शपथ के बाद किस प्रकार भाजपा अपना बहुमत सिद्ध करेगी यह पूरे देश को समझ में आ रहा है। जिस पार्टी के केवल 104 विधायकों का ही आंकड़ा है वह बाकी समर्थन कहां से जुटायेगी। केवल खरीद फरोख्त से ही इसे संभव बनाया जा सकता है। क्योंकि निर्दलीय और कांग्रेस एवं जेडीएस से अलग ऐसी कोई संख्या नही जिसे अपने साथ मिलाकर कोई गठजोड़ बनाया जा सके। केवल कांग्रेस और जेडीएस के टूटने की स्थिति में ही भाजपा बहुमत सिद्ध कर सकती है यह तय है।

किसी भी तरह की आशंकाओं पर विराम लगाने के प्रयास में कांग्रेस और जेडीएस ने सभी विधायकों के हस्ताक्षर कराकर राज्यपाल को देने का फैसला किया। बताया जाता है कि केवल तीन विधायकों को छोड़कर सभी विधायकों ने हस्ताक्षर कर दिये हैं।