मोदी का नेपाल में भी भारी विरोध, विरोध में भूख हडताल और गिरफ्तारियां

आईएनएन भारत डेस्क
मोदी भारतीय इतिहास के ऐसे पहले प्रधाननमंत्री हैं कि जहां भी जा रहे हैं वहीं उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिटेन की तर्ज पर नेपाल यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अपनी दो दिन की यात्रा में नेपाल में मोदी विरोध में पोस्टरों और सोशल मीड़िया पर संदेशों की बाढ़ सी आ गयी है। जनकपुर से लेकर नेपाल की राजधानी काठमांडू तक मोदी के विरोध में नेपाल की सड़कों और सोशल मीड़िया पर खासी हलचल रही।

मोदी के विरोध में एयरपोर्ट पर अखण्ड़ नेपाल के नेता फणिन्द्र नेपाल को उनके साथियों के साथ मोदी के विरोध करने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा त्रिभुवन विश्वविद्यालय के छात्रों ने मोदी के विरोध में मोदी के नेपाल में रहने तक अनशन की शुरूआत कर डाली। उन्होंने कहा कि उनका अनशन फासिस्ट मोदी के नेपाल में रहने तक जारी रहेगा। यानि मोदी दो दिन की नेपाल यात्रा पर हैं तो उनका अनशन भी दो दिनों तक चलने वाला है।

मोदी ने बिहार से जुड़े तराई इलाके के जनकपुर से अपनी नेपाल यात्रा की शुरूआत की है। इसमें उनका मकसद बिहार के वोटरों को प्रभावित करने का था। परंतु जनकपुर से यात्रा शुरू करना ही नेपाल की जनता को तराई को नेपाल के खिलाफ इस्तेमाल करने का मोदी सरकार के दांव की याद दिला गया। इसीलिए जहां विरोध करने वाले मोदी का विरोध कर रहे हैं तो यह भी स्पष्ट कर रहें हैं कि वह भारत के खिलाफ नही हैं। नेपाल में किसी से भी बात कर लें पूरी बात 2015 में मोदी सरकार द्वारा नेपाल की तराई के माध्यम से करवाई घेराबंदी पर आकर सिमट जाती है।

‘‘मोदी नाॅट वेलकम इन नेपाल‘‘ और ‘‘मोदी गो बैक‘‘ के नारों के अलावा ‘‘नेपाल की नाकेबंदी अपराध था मि. मोदी के नारे और पोस्टर आसानी से नेपाल के सोशल मीड़िया और नेपाल की दिवारों पर देखें जा सकते हैं। हालांकि नेपाल सरकार ने मोदी के सफर और रूट को इन पोस्टरों और विरोध से बचाने के लिए पोस्टर हटाने से लेकर लोगों को गिरफ्तार करने तक सारे प्रयास कर डाले परंतु फिर भी मोदी विरोध की इस मुहिम को कोई खास फर्क सरकार के प्रयास से नही पड़ा और मोदी विरोध नेपाल में जगह जगह दिखाई पड़ता रहा।