प्रधानमंत्री मोदी का ज्ञान जिसने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को किया तार तार

आईएनएन भारत डेस्क
नरेंद्र मोदी भाजपा-संघ के सबसे बड़े भाषणबाज नेता माने जाते हैं परंतु 2014 से अभी तक उन्होंने अपने भाषणों में जो इतिहास की जानकारी दी है अथवा सामान्य ज्ञान दर्शाया है उसने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कईं बार तार तार किया है। हम यहां पेश कर रहे हैं मोदी के भाषणों की ऐसी ही 14 गलतियांः

1-मोदी ने महाराष्ट्र के एक भाषण में कहा कि 1960 से लेकर अब तक यहां 26 मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली है।
जबकि सच्चाई ये है कि महाराष्ट्र में 26 बार 17 नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसी दौरान गुजरात में 14 नेताओं ने 27 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

2- मोदी ने अपने एक भाषण में कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अहमदाबाद की नगर निगम में 1919 में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रस्ताव रखा था। 

जबकि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1919 में नहीं बल्कि 1926 में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रस्ताव रखा था।

3-एक भाषण में 2014 में मोदी ने कहा, ये चुनाव 14वीं लोकसभा के लिए है।
जबकि यह 16वीं लोकसभा के लिए चुनाव था।

4-एक भाषण के दौरान मोदी कहा कि 1947 में एक रुपये की कीमत एक डॉलर के बराबर थी।
-जबकि वास्तविकता यह है कि उस समय रुपये को पाउंड में कन्वर्ट किया जाता था और एक रुपया 30    सेंट के बराबर हुआ करता था।

5-नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में श्याम जी कृष्ण वर्मा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक कर दिया था।      मोदी ने बंगाली श्यामा प्रसाद मुखर्जी को ‘प्राउड सन ऑफ गुजरात‘ कह डाला था। उन्होंने मुखर्जी को  लंदन में इंडिया हाउस बनाने का क्रेडिट दिया। उन्होंने दावा किया कि उनका निधन 1930 को हुआ और  मरने से पहले उन्होंने इच्छा जाहिर की कि उनकी राख को रख दिया जाए, जिससे वह भारत लौटकर  भारत को आजाद करवा पाएं।
– जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाता में हुआ था ना कि गुजरात में। उनका निधन भारत में 1953 में हुआ ना कि 1930 में।

6-एक भाषण में मोदी ने कहा कि सिकंदर की सेना ने पूरी दुनिया पर जीत हासिल की, लेकिन बिहारियों     से हार गई।
-सिकंदर की सेना ने कभी गंगा नदी को पार नहीं किया और उन्हें बिहारियों ने नहीं हराया था। सिकंदर      का आखिरी युद्ध पोरस पौरव साम्राज्य के राजा के विरद्ध था। सिकंदर ने झेलम नदी को पार किया था ना  कि गंगा को।

7-मोदी ने अपने एक भाषण में कहा कि जब हम गुप्त वंश को याद करते हैं तो हमें चंद्रगुप्त की राजनीति  याद आती है।
-सच्चाई यह है कि चंद्रगुप्त मौर्य साम्राज्य के थे ना कि गुप्त साम्राज्य के।

8-मोदी ने एक भाषण में कहा कि तक्षशिला बिहार में है।
-तक्षशिला बिहार में नहीं मौजूदा पाकिस्तान में है।

9-नवंबर 2013 में डुडु की रैली में मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहन लाल करमचंद    गांधी बताया।
-सभी जानते हैं कि राष्ट्रपिता का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है।

 10-बैंगलोर रैली में मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री 15 अगस्त का भाषण लाल दरवाजे से देते हैं।
– जबकि बच्चे भी जानते हैं 15 अगस्त का भाषण लाल किले से दिया जाता है।

11- फरवरी 2014 में मोदी ने मेरठ में एक रैली के दौरान कहा कि कांग्रेस ने भारत की स्वतंत्रता की        पहली लड़ाई को कम आंका।
-नरेंद्र मोदी यह भूल गए कि कांग्रेस का गठन 1885 में हुआ था। जबकि स्वतंत्रता की पहली लड़ाई    कांग्रेस के गठन के तीन दशक पहले यानी कि 1857 में हो चुकी थी।

12-दिसंबर 2013 में नरेंद्र मोदी ने जम्मू में एक रैली के दौरान कहा था कि मेजर सोमनाथ शर्मा को  महावीर चक्र और ब्रिगेडियर रजिंदर सिंह को परमवीर चक्र मिला था।
-जबकि मेजर सोमनाथ शर्मा को परमवीर चक्र और रजिंदर सिंह को महावीर चक्र मिला था।

13-कर्नाटक में चुनावी सभा के दौरान गुरुवार 3 मई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से गलत  तथ्य पेश कर दिये। मोदी ने अपनी रैली में कहा कि 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद भी जनरल  थिमैया को प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षामंत्री मेनन ने अपमानित किया था।
-मेनन 1948 में रक्षामंत्री थे ही नही अप्रैल 1957 से अक्टूबर 1962 तक देश के रक्षामंत्री रहे। इसके    अलावा जनरल थिमैया मई 1957 से मई 1961 तक आर्मी चीफ थे।

14-अमेरिका दौरे पर गए भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने कोणार्क के सूर्य मंदिर के बारे में ये कह दिया कि  ये 2000 साल पुराना है।
– जबकि ये केवल 700 साल पुराना ही है।

  • Gopal

    उसको छत से टांगोगे
    या फिर गुरु जी मांगोगे