खराब स्वास्थ्य के बावजूद लालू यादव को साजिशन वापस भेजा जा रहा है रांची जेल

आईएनएन भारत डेस्क
केन्द्र की मोदी सरकार कईं दिनों से राजद सुप्रीमों लालू यादव को गुपचुप तरीके से रांची जेल शिफ्ट करने की साजिश में लगी हुई थी और आखिरकार मोदी सरकार की साजिश सफल हो ही गयी। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जबरन एम्स अस्पताल दिल्ली से छुट्टी कर उन्हें राँची भेजा जा रहा है। उनके खिलाफ ऐसे अमानवीय एवं शत्रुतापूर्ण कृत्य के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री ने एम्स प्रशासन को पत्र भी लिखा था। परंतु सरकार ने लालू यादव के स्वास्थ्य ठीक नही होने की उनकी गुहार को नजर अंदाज करते हुए उन्हें वापस रांची जेल भेजने का फैसला कर लिया। बताया जाता है कि दोपहर बाद राजद प्रमुख को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से राँची के लिए रवाना कर दिया जायेगा।

हालांकि बताया जा रहा है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री को अचानक वापस जेल भेजे जाने की खबर से एम्स के कईं डाॅक्टर भी हतप्रभ हैं, लालू यादव अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं हैं, वो डायबिटीज, किडनी और हार्ट जैसे गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, सोशल मीडिया पर वायरल खबरों और उनसे मिलकर आने वालों के हवाले से बताया जा रहा है की तीन दिन पहले लालू यादव एम्स के बाथरूम में गिरते-गिरते बचे थे। जब उनके पुत्र पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उनसे मिलने आये तब उन्होंने कहा था कहा था कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, अभी एम्स के डाॅक्टरों की मेडिकल बोर्ड जो लालू यादव के इलाज के लिए बनी थी, उस मेडिकल बोर्ड से कोई किसी तरह का फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं दिया गया है, लेकिन लालू यादव को साजिष के तहत वापस जेल भेजा जा रहा है।

दरअसल यह मोदी सरकार का तरीका है कि यदि वह लालू यादव से जमीन पर लड़ नही सकती है तो उन्हें किसी भी तरह जेल में रखा जाये और बिमारी को और बढ़ाकर उन्हें और उनके पूरे परिवार को उनके स्वास्थ्य की चिंता में उलझा दिया जाये।

वास्तव में सरकार चाहती है कि लालू यादव को प्रोविजनल बेल नहीं मिल सके और इसीलिए प्रशासन उन्हें रांची जेल भेजकर यह सिद्ध करना चाहती है की वो स्वस्थ है, 4 मई को लालू यादव के प्रोविजिनल बेल पर रांची हाईकोर्ट में सुनवाई होना है, उन्होंने 3 माह के लिए प्रो विजनल बेल की कोर्ट से मांग की है- सबसे मुख्य बात यह है की उन्होंने अपने बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की शादी में जाने से मना कर दिया, उनके वकील ने ये बाते कही, लालू यादव ने शादी के लिए पैरोल की मांग नहीं की है-शादी से ज्यादा जरूरी उनका स्वास्थ्य है- इन सबो के बीच बारह मई को उनके बड़े पुत्र पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के होने वाले वैवाहिक समारोह में लालू यादव का शामिल नहीं होना पूरे परिवार और उनके लाखो समर्थको के लिए जो अपने नेता को एक झलक देखना चाहते थे उन सभी के लिए जरूर निराशाजनक होगा। फिलहाल पूरे बिहारवासियों की चार मई के रांची कोर्ट के फैसले पर नजर रहेगी।