राहुल गांधी का विमान क्रेश होते होते बचा, कांग्रेस ने साजिश बताया, जांच की मांग

आईएनएन भारत डेस्क

दिल्ली से कर्नाटक के हुबली जाते हुए राहुल गांधी का विमान क्रेश होते होते बचा। कांग्रेस ने इस साजिश करार देते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी फोन करके राहुल गांधी का हाल जाना।

डबल इंजन वाले इस एयरक्राफ्ट ने दिल्ली से 9.20 बजे उड़ान भरी थी। प्राप्त समाचारों के अनुसार उड़ान के दौरान 41 हजार फुट की ऊंचाई पर इसका ऑटोपायलट फेल हो गया था। ऑटो पायलट फेल होते ही पायलट ने प्लेन को मैनुअल कंट्रोल में लिया। विमान को तीन बार उतारने की पायलेट की कोशिश विफल हो गयी परंतु इसके बावजूद भी पायलेट की सूझबूझ से 11.25 बजे विमान को सुरक्षित उतरा जा सका।

विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित खबरों के अनुसार रेलिगेयर एविएशन से जुड़ा दशॉ का यह विमान दिल्ली के नेहरू प्लेस में 04 फरवरी 2011 से रजिस्टर्ड है। कुछ समाचार पत्रों ने विमान के संचालन से जुड़ी कंपनी के बारे में ऐसी ही जानकारी दी है। दो इंजन वाले इस 10 सीटर विमान के बारे में बताया जाता है कि फॉल्कन 2000 और 2000 एलएक्स फ्रेंच कंपनी दशॉ एविएशन से जुड़े प्लेन हैं। यही वह कंपनी है जो रफाल लड़ाकू विमान भी बनाती है। ध्यान रहे हाल ही के दिनों में रफाल लड़ाकू विमानों की खरीद में चर्चा को लेकर रफाल विमानन कंपनी का नाम चर्चा में रहा था। इस विमान सौदे में घोटाले का मसला कांग्रेस पार्टी ने जोर शोर से उठाया था।

डीजीसीए के कागजातों से स्पष्ट है कि रेलिगेयर के पास वीटी सीरीज के 7 विमान हैं। इनमें से तीन वीटी-आरवीएल (8 सीट), वीटी-एवीएच (7 सीट) और वीटी-आरजीएक्स (14 सीट) वाले प्लेन फ्लाई सेफ एविएशन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। इनमें वीटी-आरवीएल और वीटी-एवीएच फॉल्कन 2000 सीरीज से जुड़े हैं, जबकि वीटी-आरजीएक्स फॉल्कन 7एक्स की श्रेणी में आते हैं।

मामले की जांच कर रहे डीजीसीए ने स्पष्टीकरण दिया है। डीजीसीए का कहना है कि ऑपरेटर की रिपोर्ट के मुताबिक विमान में गड़बड़ी ऑटो पायलट मोड के कारण हुई थी। बाद में पायलट ने प्लेन को मैलुअल लोड में लिया और उसे सुरक्षित तरीके से उतार लिया। इसके अलावा डीजीसीए का कहना है कि आॅटो पायलेट में गड़बड़ी कोई असाधारण घटना नही है। लगता है कि डीजीसीए का शुरूआती स्पष्टीकरण ही इस पूरे मामले की जांच का आधार बनेगा। डीजीसीए के शुरूआती बयान से इसी का आभास हो रहा है।