कुशीनगर हादसाः जनता के गुस्से और विरोध को योगी ने बताया नौटंकी

आईएनएन भारत डेस्क
औलाद को बेवजह गंवा देने का दर्द मां बाप ही समझ सकते हैं और उसके लिए मां बाप होना जरूरी है। इंसान की औलाद कोई गाय और बछड़े नही होती कि जब चाहे दुलार लें और जब चाहें उन पर राजनीति कर ली जाये। परंतु कुशीनगर की जनता ने आज अनौखा नजारा देखा कि जब वो अपने मासूमों को गंवाने के दर्द का इजहार करते हुए गुस्से में विरोध पर उतारू हो गये तो उनके सूबे के मुख्यमंत्री ने उनके विरोध को नौटंकी बता दिया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी उडनखटोले में बैठकर दुर्घटना स्थल पहुंचे थे और उन्होंने मृतक बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख रूपये देने की घोषणा भी की।

इस पर कुशीनगर में मारे गये बच्चों के परिजन और उनके संबंधी नाराज हो गये और लगातार हो रही ऐसे घटनाओं और कम मुआवजे के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया और अपनी नाराजगी और गुस्से के लिए कुख्यात योगी महाराज इससे फिर नाराज हो गये और उन्होंने लाउडस्पीकर हाथ में लेकर विरोधस्वरूप नारेबाजी कर रहे लोगों से कहा कि ‘‘नौटंकी बंद करो, नारेबाजी मत करो‘‘।

दुर्घटना के बाद कुशीनगर में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले जिले गोरखपुर के कुशीनगर में गुरुवार सुबह स्कूल बस के ट्रेन से टकरा जाने से 13 बच्चों की मौत हो गई और ड्राइवर सहित 4 बच्चे घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री योगी सहित कई नेता इस हादसे पर दुख जताने के लिए कुशीनगर आये थे।
दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे योगी ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और कार्रवाई का भरोसा देते हुए पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख मुआवजे की घोषणा की लेकिन तब तक गुस्से में भरे परिजनों और इलाके वालों ने योगी सरकार और रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और तब योगी नाराज हो गये और लोंगो से कह दिया कि नौटंकी मत करो नारेबाजी बंद करो। यह दुखद हादसा है।

वहीं घटनास्थल पर सैकड़ों लोग जुट गए और विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि सरकार पीड़ितों को मुआवजे में 50 लाख दें। लोगों ने मीडिया से बातचीत में ये भी बताया कि हादसे की जगह पर काफी वक्त से मानवरहित क्रासिंग की मांग की जा रही थी लेकिन बुलेट ट्रेन की जुमलेबाजी करने वाली सरकार और अधिकारियों ने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया।

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी के गृहनगर के गोरखपुर के कुशीनगर में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। यहां विशुनपुरा के दुदही रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूल वैन पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई। ट्रेन की टक्कर से वैन में सवार 13 बच्चों की मौत हो गई। गुरुवार सुबह डिवाइन पब्लिक स्कूल की वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तभी विशुनपुरा थाने के दुदही रेलवे क्रासिंग के पास थावे-बढ़नी पैसेन्जर से उसकी टक्कर हो गई। इस प्रकार का सूबे में पिछले साल भी भदौही में हादसा हुआ था परंतु सरकार मानव रहित रेलवे क्रासिंग को ना तो खत्म कर रही है और ना ही यहां पर सुरक्षा के दूसरे इंतजाम कर रही है। सरकार और प्रशासन ने अपनी दो साल पुरानी गलती से कोई भी सीख नहीं ली। दो साल पहले सिर्फ इलाका बदला था, कुशीनगर की जगह भदोही। वहां पर भी मानव रहित क्रॉसिंग पर स्कूल वैन की ट्रेन से टक्कर हो गई थी, जिसमें 13 बच्चों की मौत हो गई थी। सरकार की सबसे बड़ी गलती यह है कि वह सब कुछ जानते हुए भी कि मानव रहित क्रॉसिंग कितने जानलेवा हैं, उनको अभी तक खत्म नहीं करा रही है।

कुशीनगर हादसे के बाद लोगों में गुस्सा है। लोगों का मानना है कि केन्द्र से लेकर सूबे तक बैठे नेता मां बाप का दर्द क्या जानें, उसके लिए मां बाप होना पड़ता है। इसी कारण मुख्यमंत्री योगी को देखकर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और लोगों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर दी जिस पर योगी बिदक गये और कह दिया कि नौटंकी बंद करो, नारेबाजी मत करो।