लंदन की सड़कों पर मोदी के खिलाफ उतरे हजारों लोग, गूंजे मोदी विरोध के नारे

आईएनएन भारत डेस्क:
भारतीय मीड़िया में मोदी की लंदन और स्वीड़न यात्रा को जिस प्रकार प्रचारित किया जा रहा है, वह दरअसल मोदी सरकार और गोदी मीड़िया का प्रचार भर है। इससे इतर लंदन की सड़कों पर मोदी के विरोध की ऐसा नजारा दिखाई दिया हैं जिसकी आशा मोदी और उनके दल ने कभी नही की होगी। लंदन में साउथ एशिया साॅलिडेरिटी समूह ने इस विरोध का नेतृत्व किया और इसमें भारत और दक्षिण एशिया के सभी अमन पसंद लोग शामिल हैं। गुस्से और नाराजगी से भरे लोग मोदी विरोध और आसिफा को न्याय के नारे लगा रहे थे। वह कह रहे थे ‘‘आसिफा को किसने मारा, भाजपा-मोदी।‘‘ इतने जोरदार स्वागत की उम्मीद मोदी और मोदी समर्थकों में लंदन में कभी नही की होगी।

कठुआ और उन्नाव की घटना को लेकर जैसे माहौल भाजपा-संघ के खिलाफ पूरी दुनिया में बन रहा है ऐसा कभी भी पहले देखा नही गया होगा। हालांकि इससे पहली मोदी की यात्रा पर भी भारतीय प्रधानमंत्री को विरोध झेलना पड़ा था परंतु वह उतना व्यापक और बड़ा नही था जिस प्रकार का विरोध मोदी को इस बार झेलना पड़ रहा है।

मोदी द्वारा आनलाइन संपर्क के बाद भारतीय समायानुसार यह विरोध संगठित रूप से आठ बजे के बाद शुरू हुआ और यह विरोध डाउनिंग स्ट्रीट से पार्लियामेंट स्क्वायर तक किया गया। जिसमें लोग गुस्से और आक्रोष में मोदी विरोधी नारे लगा रहे थे। इस विरोध की धमक कईं दिनों से लंदन की सड़कों पर देखी जा सकती थी। जिस प्रकार अनेकों वाहन मोदी के खिलाफ पोस्टर और होर्डिंग्स लगाकर पूरे शहर में घूम रहे थे। उससे लोगों की नाराजगी को साफ समझा जा सकता है। कठुआ की रेप पीड़िता आसिफा के फोटों के साथ संदेश लिये वाहन भी लंदन की सड़कों पर देखे जा सकते थे।


मोदी के विरोध में लंदन के जाने माने भारतीयों के अलावा दक्षिण एशियाई मुल्कों के दूसरे नामचीन लोग भी मैदान में उतरे हैं। इनमें कई ब्रिटेन के नामी गिरामी और पहचाने हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न पेशों से जुडे हुए लोग हैं। जैसेः
साराह ग्रीन, विवियेन्ने हयेस, माराई लारासी, अंबेर राज, कामिले कुमार, बलजीत बंगा, अंजुम मौज, प्रागना पटेल, सबरीना कुरैशी, सरबजीत जोहल, रशेल मोरन, निर्मला राजसिंहम, तरन्जीत चाना, दिप्ती मोरझारिया, सायमीन रहमान, मीना कंडासामी, तबिथा बेंजामिन, अमृत विल्सन, राहिला गुप्ता, जैती शर्मा, प्रिया शर्मा, प्रो. शिरीन एम राय, प्रो. अवतार बराह, प्रो. नीरा युवल, प्रो. गार्गी भट्टाचार्य, डाॅ. कल्पना विल्सन, डाॅ. शकुंतला, डाॅ. मीना ढाण्ड़ा, डाॅ. सुमी मधोक, डाॅ. आनन्दी राममूर्ति, डाॅ. रश्मि वर्मा, प्रो. एस सैयद, डाॅ. नवतेज पूरेवाल, डाॅ. फैयजी इस्माइल, डाॅ. कैटी स्यान, डाॅ. मार्शा हैनरी, डाॅ. सुखवंत धालीवाल, डाॅ. रवि के थियारा, डाॅ. दिप्ता चोपड़ा, डाॅ. चनणजीत महन, डाॅ. निशा कपूर आदि ऐसे सैंकड़ों प्रतिष्ठित नाम हैं जो विरोध की अगुवाई में सड़कों पर हैं।