PUSU चुनाव में जीते आजाद चाँद ने फर्जी डिग्रीधारी के साथ शपथ से किया इंकार, विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज

आईएनएन भारत डेस्क
पटना। 
सोमवार को पटना विवि छात्र संघ चुनाव में जीते हुए सभी पदाधिकारियों और काउन्सलर को शपथ ग्रहण करने के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया। शपथ ग्रहण में संयुक्त सचिव पद पर विजयी होने वाले आजाद चाँद ने फर्जी डिग्रीधारी के साथ शपथ लेने से इनकार कर दिया और अपना शपथ पत्र भी फाड़ दिया।

छात्रों का आरोप था कि अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के सहयोग से निर्वाचित दिव्यांशु भारद्वाज ने स्नातक का फर्जी सर्टिफिकेट जमा कर मास्टर डिग्री में एडमिशन लिया हैं। जिसकी जांच होनी चाहिए। जब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल के बाहर शपथ ग्रहण का विरोध कर रहे थे। राज्य सरकार की बिहार पुलिस ने इन छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया। जिसमें विश्वविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं घायल हो गए। जिन्हें तुरंत ही इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

वही एबीवीपी से उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीती योशिता पटवर्धन ने छात्रसंघ चुनाव लड़ने का मापदंड पूरा नहीं करने के बाबजूद, निर्वाचन अधिकारियों को गलत जानकारी देते हुए एफिडेविट जमा किया था।

नियम के अनुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को प्रीवियस ईयर परीक्षा में पास होना जरुरी है। मगर योशिता दोनों ऑनर्स पेपर में ही फेल है। विश्वविद्यालय चुनाव अधिकारियों ने बिना ठीक से जाँच किये ही नामांकन पत्र सही घोषित कर चुनाव लड़ने दिया और योशित को चुनाव अधिकारी ने विजेता भी घोषित कर दिया था।

जब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस बात का जमकर विरोध किया तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निर्वाचित सदस्यों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। गठित कमेटी की जांच में अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज और उपाध्यक्ष योशिता पटवर्धन अयोग्य पाए गए। जिससे उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी है।

अध्यक्ष पद पर विजेता घोषित हुए दिव्यांशु भारद्वाज ने पटना हाई कोर्ट में इस संबंध में एक वाद दायर किया था। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना दिव्यांशु का पक्ष सुने ही इलेक्शन रद्द घोषित किया था। साथ ही वादी दिव्यांशु भारद्वाज ने कोर्ट से शपथ कराने की भी मांग की थी।

पटना हाई कोर्ट ने शपथ ग्रहण कराने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि विवि वादी दिव्यांशु भारद्वाज को अपना पक्ष रखने का मौका दे। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वादी दिव्यांशु भारद्वाज के एडमिशन की जांच की जाय। जांच में वादी दिव्यांशु भारद्वाज का नामांकन गलत पाया गया तो स्वतः चुनाव की उमीदवारी को रद्द माना जायेगा।

हाई कोर्ट ने विश्वविद्यालय को लिंग्दोह समिति के तहत स्नाकोत्तर दाखिले में वैधता की जांच करने और वादी को विश्वविद्यालय प्रशासन के जांच में सहयोग करने को कहा। साथ ही कोर्ट ने विश्वविद्यालय पर जुर्माना भी लगाया।

पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों पर बिहार पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, जनादेश की डकैती के बाद नीतीश कुमार बिहार में भाजपा के सहयोग से अपनी तानाशाही हुकूमत चला रहे है, बिहार अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

आजाद चांद, संयुक्त सचिव, पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन का विरोध करते हुए फेसबुक पर लिखा आज मैंने अपना शपथ पत्र फाड़कर विश्वविद्यालय प्रशासन के दोहरे रवैये के खिलाफ विरोध जाहिर करते हुए शपथ लेने से इनकार कर दिया। पटना विश्वविद्यालय को कलंकित करने वालों के साथ मैं शपथ ग्रहण नहीं करूंगा। कुलपति महोदय का रवैया ठीक नहीं है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की गरिमा का ठेस पहुंचाने का काम किया है। पटना कॉलेज ग्राउंड में छात्र-छात्राओं की संसद लगाकर मैं छात्रों के बीच मे शपथ ग्रहण करूँगा। दिनांक जल्द ही बताऊँगा। आप सभी के सहयोग की अपेक्षा है।