CBSE पेपर लीक: छात्रों को 10वीं की गणित का पेपर दोबारा नहीं देना पड़ेगा

आईएनएन भारत डेस्क
नई दिल्ली: 10वीं और 12वीं के पेपर लीक का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। 12 वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक में कुछ गिरफ्तारी भी हुई है। सीबीएसई अध्यक्ष अनीता करवाल ने 12 वीं की परीक्षा 25 अप्रैल को लेने की घोषणा की है।

परंतु CBSE ने 10वीं के गणित का पेपर दोबारा नहीं कराये जाने की घोषणा की है। सोमवार की शाम सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में फैसला लिया गया है। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सीबीएसई को गणित की फिर से परीक्षा कराने का फैसले को लटकाने को लेकर फ़टकार लगाई थी। वहीं अभी तक क्राइम ब्रांच को भी गणित के पेपर के लीक होने को लेकर ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। बैठक में माना गया है कि किसी एक ईमेल को लेकर लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ फ़ैसला नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा सीबीएसई ने कुछ बच्चों की स्कूल में हुई परीक्षा की उत्तर पुस्तिका का मिलान बोर्ड की उत्तर पुस्तिका से किया जिसमें बोर्ड ने बच्चों की प्रदर्शन में ख़ास फ़र्क नहीं पाया है। इसके बाद सीबीएसई ने दोबारा परीक्षा न कराए जाने का फैसला किया।

10 वीं की परीक्षा दोबारा कराए जाने के सीबीएसई के फैसले के खिलाफ तीन याचिकायें दायर हो चुकी हैं। इन याचिकाओं में  याचिकाकर्ता ने परीक्षा दुबारा ना कराये जाने की मांग की है। साथ ही याचिकाकर्ता ने हो चुकी परीक्षा के  पर ही रिजल्ट घोषित करने और पेपर लीक के मामले में CBI जाँच की भी माँग की हैं। इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 4 अप्रैल को सुनिश्चित की है।

बात दें कि सीबीएसई ने 10वीं की गणित और 12वीं की इकोनॉमिक्‍स की परीक्षा फिर से कराने का ऐलान किया था। लेकिन बोर्ड के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि मैथ और इकोनॉमिक्स के पेपर के अलावा अन्य विषयों के पेपर भी परीक्षा से पहले लीक हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने  कहा था कि परीक्षा से 30 मिनट पहले दो-तीन पेपर व्हाट्सएप के जरिये लीक कर दिये गए थे। इस मामले की जांच के लिए स्पेशल जांच टीम का गठन कर दिया गया है।